कलम की स्याही निष्पक्ष रुप से समाज के समक्ष प्रकट हो

कलम की स्याही निष्पक्ष रुप से समाज के समक्ष प्रकट हो ink of pen should appear before society in fair manner

जयपुर,03/02/2021- परम पूज्य आचार्य श्री धर्मसागरजी महाराज के 108 जन्म जयंती महोत्सव के अंतर्गत मुनि श्री अमितसागर जी महाराज, गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी सत्संग के सानिध्य में राष्ट्रीय वेबिनार वर्तमान परिस्थितियों के मध्य जैन पत्रकारों एवं सामाजिक संगठनों की भूमिका विषय पर 31 जनवरी 2021 को दोपहर 1:00 बजे से पीठाधीश स्वस्तीश्री रविंद्र कीर्ति स्वामी जी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन, तिजारिया, जयपुर की अध्यक्षता में एवं दिगंबर जैन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मलकुमार सेठी के मुख्य अतिथि में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


कार्यक्रम संयोजक एवं पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री उदय भान जैन, जयपुर ने अवगत कराया कि उक्त वेबीनार मे दीप प्रज्वलन रोशनलाल जैन, प्रकाश जैन घाटलिया, उदयपुर एवं मोहित जैन ,मोहि, चित्र अनावरण राजेश जैन देवड़ा एवं मोहनलाल वीरदावत, उदयपुर ने किया। कार्यक्रम में मंगलाचरण राष्ट्र गौरव डाँ इंदु जैन, दिल्ली ने किया उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जैन संस्कृति के पर्वोंको संगठित होकर मनाएं और भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाएं। इस अवसर पर मंगल नृत्य सुनंदा जैन धीरेंद्र जैन की सुपुत्री उर्जिता जैन ने प्रस्तुत किया। सभी अतिथि वक्ता विद्वान पदाधिकारी श्रेष्ठीगन जो झूम अँपपर उपस्थित सभी का जैन पत्रकार महासंघ की ओर से राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने अभिनंदन एवं स्वागत किया।
इस अवसर पर पीठाधीश स्वस्तीश्री रविंद्र कीर्ति स्वामी जी ने कहा कि, संगठनों और संतों की समाज व धर्म के लिए महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।उन्होंने कहा कि पत्रकारों को विवादों में नहीं पड़ना चाहिए और सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि 5 तीर्थंकरों की जन्मभूमि अयोध्या शास्वत तीर्थ है ।जिसका अंतरराष्ट्रीय विकास में सभी का सहयोग होना चाहिए।
गणिणी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने मंगल आशीर्वाद से कहा कि,अहिंसा का प्रचार और देवशास्त्र गुरु के साथ प्रसार में पत्रकारों एवं संगठनों की भूमिका रखनी चाहिए।
अमितसागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि, पत्रकारों को आलोचना से दूर रहना चाहिए। बल्कि कोई विषय आने पर उसकी समीक्षा करनी चाहिए। उसमें भी अच्छाइयों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने आचार्य श्री धर्मसागरजी महाराज का गुनानुवाद करते हुए कहा कि समाज की युवा पीढ़ी संस्कृत हो।
      भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन, आदित्य झांसी ने अपने उद्बोधन में कहा कि, सकारात्मक विचारों को प्रमुखता से समाज में लाने का कार्य पत्रकारों को करना चाहिए।
      भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुधा मलैया ने कहा कि समाज संगठन व पत्रकारों को भारत का नाम भगवान आदिनाथ के पुत्र भरत से पड़ा है इसका प्रचार प्रसार करना चाहिए।
     दिगंबर जैन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक बड़जात्या ने कहा कि कलम की स्याही निष्पक्ष रुप से समाज के समक्ष प्रकट हो। सही को सही और गलत को गलत लिखना चाहिए। 
      शाश्वत तीर्थराज सम्मेद शिखरजी ट्रस्ट के मंत्री हसमुख जैन गांधी ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि आज समाज नेतृत्वहीन हो गया है। हमें सक्षम नेतृत्व की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि किस बात को अक्षरशः कहने की ताकत पत्रकारिता में है। 
       श्री दिगंबर जैन महासमिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मणिंद्र जैन,दिल्ली ने कहा कि किसी भी कार्य को करने से पूर्व स्वयं का आत्मचिंतन आवश्यक हो। समाज को पत्रकारों के लिए सम्मान समुचित व्यवस्था और उनके उत्थान के लिए ध्यान देना चाहिए। 
         दिगंबर जैन परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जीवनलाल जैन, सागर ने कहा कि जैन धर्म के अस्तित्व के लिए युवकों को जोड़ना चाहिए।पत्रकारों से अपेक्षाएं तो बहुत है लेकिन यदि पत्रकार किसी संगठन, संस्था या साधु-संत से नहीं जुड़ते हो तो उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसीलिए पत्र-पत्रिकाओं को आर्थिक संबल जरूर दें तभी वे अपने कार्य सही तरीके से कर सकेंगे ।
   दिशा बोध के प्रधान संपादक चिरंजीलाल बगड़ा ने अपने वक्तव्य में कहा पंथ वाद,संतवाद,ग्रंथवाद, जातिवाद के कारण जैन धर्म खतरों में है। उसको रोकने के लिए सामाजिक संगठन पत्रकार आपस में समय पर समस्याओं का हल निकाले।
    दैनिक आचरण के प्रधान संपादक सुनील जैन  सागर ने कहा कि कोरोना काल में जैन संगठनों ने अच्छे और सराहनीय कार्य किया है।
     वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र जैन,महावीर सनावद ने कहा कि जैनों को जैनों सेही खतरा है। संगठन पत्रकार ,संतगण सभी अपना अपना कार्य करे।


      राष्ट्रीय युवा लेखक सुनील संचय,ललितपुर ने कहा कि पत्रकार और संगठन संगठित होकर समाज के हित में सकारात्मक रूप से कार्य करें ।
       मुख्य अतिथि निर्मलकुमार सेठी ने कहा कि,जैन पत्रकार महासंघ द्वारा इस प्रकार की वेबिनार का आयोजन कराया।  
      इस अवसर पर विशेष रूप से दैनिक समाचार जगत के संस्थापक संपादक राजेंद्र के गोधा, डॉ अनुपम जैन इंदौर, डॉ जीवनप्रकाश जैन, जंबूद्वीप हस्तिनापुर,डॉ डीसी जैन,दिल्ली के अलावा पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिलीप जैन जयपुर, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री महेंद्र कुमार बैरागी, जयपुर राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंत्री संजय जैन बड़जात्या, रजत सेठी इसरी, झारखंड, अमित जैन,अंकित शाह मुंबई सहित पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित थे। 


        जैन संस्कृति का संरक्षण पत्रकार महासंघ का प्रमुख उद्देश्य संस्कृति का संवर्धन और संरक्षण है अधिक से अधिक पत्रकार संपादक विद्वान लेखक इस महासंघ से जुड़कर शक्तिशाली संगठन के लिए सहयोग करें।
 महासंघ की राष्ट्रीय मंत्री डॉ प्रगति जैन इंदौर ने उक्त विनर का कुशल संचालन किया।महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं कार्यक्रम संयोजक मनिष जैन, विद्यार्थी शाहगढ़ ने उपस्थित अतिथि वक्ता एवं प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से सहयोग करने वाले झुमके तकनीकी सहयोगी मोहित जैन आदि सभी के आभार व्यक्त किए।
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