भास्कर एक्सप्लेनर: चीन में मिले एच10एन3 बर्ड फ्लू के इंसानों में फैलने का जोखिम कम


एक घंटा पहले

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डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, ऐसे वायरस के एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने के उदारहण दुर्लभ हैं।

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने पूर्वी प्रांत जिआंग्सु में 41 साल के व्यक्ति को बर्ड फ्लू के दुर्लभ स्ट्रेन एच10एन3 से संक्रमित होने की पुष्टि की है। यह इंसानों में दुनिया का पहला मामला है। हालांकि आयोग ने इस बात का ब्योरा नहीं दिया कि वह कैसे संक्रमित हुआ। लेकिन कहा कि उसके करीबी संपर्कों की जांच में कोई अन्य मामला नहीं मिला। यानी संक्रमण फैलने का जोखिम बहुत कम है। जानिए इसके बारे में…

एच10एन3 वायरस के बारे में क्या जानकारी उपलब्ध है?
खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार, इस वायरस के बारे में बहुत कम जानकारी है, जो पक्षियों में दुर्लभ प्रतीत होता है। हालांकि यह गंभीर बीमारी का कारण नहीं बनता है।
क्या इसके इंसानों से इंसानों तक फैलने का खतरा है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि एच10एन3 वायरस के रोगी के संपर्क में आने का स्रोत का पता नहीं चला। इसके अलावा स्थानीय आबादी के बीच भी इसके संक्रमण के कोई अन्य मामले नहीं पाए गए थे। इसके इंसानों से इंसानों में फैलने के कोई संकेत नहीं मिले। विशेषज्ञ भी इसके मामलों को लेकर सतर्क हैं।
यानी एच10एन3 वायरस को लेकर कोई जोखिम नहीं है?
दरअसल, इसके जरिए आगे संक्रमण फैलने का जोखिम बहुत कम माना जा रहा है। विशेषज्ञों ने भी इसे ‘छिटपुट’ मामले के तौर पर माना है। ऐसे मामले चीन में कभी-कभी आते हैं, जहां फार्म और जंगली पक्षियों की कई प्रजातियों की बड़ी आबादी पाई जाती है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि जब तक एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस पोल्ट्री में फैलते हैं, तब तक मनुष्यों में इनका छिटपुट संक्रमण आश्चर्यजनक नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक अभी के लिए एक भी मामला ज्यादा चिंता का विषय नहीं है।
क्या पहले भी ऐसा हुआ कि पक्षियों से वायरस इंसानों में फैला हो?
पक्षियों पर बहुत कम प्रभाव डालने वाले एवियन इन्फ्लूएंजा जैसे वायरस कभी-कभी लोगों में अधिक गंभीर हो सकते हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, ऐसे वायरस के एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने के उदारहण दुर्लभ हैं। जैसे- एच7एन9 स्ट्रेन, जिसने 2016-2017 की सर्दियों के दौरान चीन में लगभग 300 लोगों की जान ले ली थी। वहीं एच5एन1 सबसे घातक रहा है, जिसने 1997 में पहली बार लोगों को संक्रमित किया था। इसकी वजह से दुनिया भर में 455 लोगों की मौत हुई।

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