कोरोना मरीजों को राहत: महाराष्ट्र में कोविड का इलाज कराना हुआ सस्ता, सरकार ने A, B और C शहर की कैटगरी के हिसाब से इलाज की कीमत तय की

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मुंबई2 मिनट पहलेलेखक: विनोद यादव

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वेंटिलेटर बेड की कीमत A वर्ग शहर में 9,000 रुपए, B वर्ग शहर में 6,700 रुपए और C वर्ग शहर में 5,400 रुपए निर्धारित की गई है। - Dainik Bhaskar

वेंटिलेटर बेड की कीमत A वर्ग शहर में 9,000 रुपए, B वर्ग शहर में 6,700 रुपए और C वर्ग शहर में 5,400 रुपए निर्धारित की गई है।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना संक्रमित मरीजों को राहत देना वाला बड़ा निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने कोविड का इलाज करने वाले प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मनमानी वसूले जाने वाले खर्च को रोकने के लिए एक अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के अनुसार महाराष्ट्र के सभी शहरों का A, B और C श्रेणी में वर्गीकरण कर कोविड-19 के इलाज का दर निश्चित किया गया है। जिसकी वजह से अब कोई भी प्राइवेट अस्पताल किसी भी कोरोना मरीज से सरकार द्वारा तय किए गए दर से अधिक बिल नहीं वसूल सकेगा।

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि कोविड-19 के इलाज का दर राज्य सरकार ने इससे पहले भी अधिसूचना जारी कर तय किया हुआ था। जिसके अनुसार प्राइवेट अस्पतालों को उनके कुल बेड के 80 फीसदी बेड पर कोरोना का इलाज कराने वाले मरीज से सरकारी दर पर बिल वसूलना था। बचे हुए 20 फीसदी बेड के कोरोना मरीजों के इलाज का दर प्राइवेट अस्पतालों द्वारा तय दर पर किया जा सकता था। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की यह अधिसूचना कल समाप्त हो गई। जिसकी वजह से अब नयी अधिसूचना जारी करते वक्त कुछ सुधार कर सूबे के शहरों का वर्गीकरण कर दर निश्चित किया गया है। ध्यान रहे कि राज्य सरकार द्वारा पहले जारी कोरोना मरीजों के इलाज की दर सूबे के बड़े शहरों और दुर्गम इलाकों में समान थी।

ग्रामीण इलाकों में कोरोना का इलाज कराना हुआ सस्ता

महाराष्ट्र के शहरी इलाकों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में कोविड-19 का इलाज कराना अब सस्ता हो गया है। दरअसल राज्य सरकार द्वारा जारी नयी अधिसूचना में राज्य के सभी शहरों का अ, ब और क श्रेणी में वर्गीकरण किया गया है। यह वर्गीकरण बिल्कुल बीमा कंपनियों और विभिन्न प्रकार का भत्ता देते वक्त जिस प्रकार से किया जाता है। उसी आधार पर कर इलाज का दर निश्चित किया गया है।

कोरोना मरीज को प्रोविजनल बिल देना हुआ अनिवार्य: शिंदे

राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुधाकर शिंदे ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजो को अस्पताल में भर्ती करते वक्त प्रोविजनल बिल देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही यदि किसी अस्पताल ने इलाज का ज्यादा बिल वसूला तो फ्लाइंग स्कॉट जांच कर संबंधित अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।

महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों के इलाज का नया दर इस प्रकार से होगा

आइसोलेशन वार्ड (प्रति दिन) :-

  • A वर्ग शहर में चार हजार, ब वर्ग शहर में तीन हजार और क वर्ग शहर में 2,400 रुपए दर निर्धारित किया गया है। इसमें जरूरी देखभाल, नर्सिंग, टेस्ट, दवा, बेड्स खर्च और खाने का समावेश है। कोरोना टेस्ट का खर्च अस्पताल को सरकार द्वारा तय दर पर लेना होगा। बड़े टेस्ट व जांच, उच्च स्तर की बड़ी दवाइयों का खर्च इसमें शामिल नहीं है।

वेंटिलेटर सहित आईसीयू और आइसोलेशन वार्ड

  • A वर्ग शहर में 9,000 रुपए, B वर्ग शहर में 6,700 रुपए और C वर्ग शहर में 5,400 रुपए दर निर्धारित किया गया है।

सिर्फ आईसीयू आइसोलेशन वार्ड

  • A वर्ग शहर के लिए 7,500 रुपए, ब वर्ग शहर के लिए 5,500 रुपए और क वर्ग शहर के लिए 4,500 रुपए दर निर्धारित किया गया है।

A वर्ग शहर

  • मुंबई सहित महानगर क्षेत्र। इसमें भिवंडी , वसई-विरार शहर का समावेश नहीं है। पुणे सहित पुणे महानगर क्षेत्र, नागपूर ( नागपूर मनपा, दिगडोह, वाडी),

B वर्ग शहर

  • नासिक, औरंगाबाद, अमरावती, भिवंडी, सोलापूर, कोल्हापूर, वसई-विरार, मालेगाव, नांदेड, सांगली

​​​​​​​C वर्ग शहर
राज्य सरकार द्वारा जारी नयी अधिसूचना के अनुसार अ और ब वर्ग शहरों के अलावा बचे हुए सभी जिला मुख्यालय का समावेश क वर्ग में किया गया है।

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