धोखाधड़ी मामले की जांच: बीमा कंपनियों की बागवानों से ठगी केस की जांच के लिए एसआईटी हाेगी गठित

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शिमला2 घंटे पहले

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  • बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा-जरूरत पड़ी तो केंद्रीय एजेंसी से करवाएंगे जांच

बीमा कंपनियों द्वारा बागवानों से ठगी मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने स्पेशलन इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित करेगी। अगर जरुरी हुआ ताे सरकार इस मामले पर केंद्रीय जांच एजेंसी से भी जांच करवा सकती है। बीमा कंपनियाें द्वारा बागवानाें से बीमा के नाम पर करीब 1500 से 8000 रुपए प्रीमियम लेती थी लेकिन नुकसान होने पर बागवानाें काे 15 से 75 पैसे मुआवजा देकर उनके साथ भद्दा मजाक किया गया है जिसे सरकार ने गंभीरता से ले लिया है।

बागवानाें के साथ इस तरह की धाेखाधड़ी करने वाली बीमा कंपनियाें के खिलाफ सरकार ने कड़ा एक्शन लेने का निर्णय लिया है। प्रदेश में बेमौसमी बरसात ने सेब बागवानों को 250 करोड़ का नुकसान पहुंचाया है। जनवरी से मार्च तक जब बारिश व बर्फबारी की जरूरत थी मौसम की बेरुखी के चलते सूखा रहा।

लेकिन अप्रैल और मई बेमाैसमी बारिश, बर्फबारी और भारी ओलावृष्टि से सेब और अन्य बागवानी उत्पादाें काे पहुंचे नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार केंद्र से मामला उठाएगी। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने माना कि राज्य सरकार के पास इतना पैसा नहीं है।

सेब संरक्षण कोष गठित करने की मांग

वहीं दूसरी तरफ फल, फूल सब्ज़ी उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान का कहना है कि बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि व बर्फबारी ने बागवानों की कमर तोड़ कर रख दी है। आकलन सिर्फ 250 करोड़ का है लेकिन ये नुकसान 500 करोड़ से ज्यादा का हो सकता है। चाैहान ने कहा कि सरकार को बागवानों के नुकसान के भरपाई के लिए एक सेब संरक्षण कोष गठित करना चाहिए।

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