पाक सरकार छीन रही मीडिया की आजादी: पाकिस्तान में सेना-सरकार पर कटाक्ष भी नहीं कर पाएगा मीडिया, नया कानून बनेगा

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इस्लामाबाद/बीजिंग41 मिनट पहले

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इमरान सरकार ने मीडिया को लेकर नए नियमों का प्रस्ताव तैयार किया है। - Dainik Bhaskar

इमरान सरकार ने मीडिया को लेकर नए नियमों का प्रस्ताव तैयार किया है।

  • लोकतंत्र की आवाज दबाने के मामले में चीन और पाकिस्तान मौसेरे भाई
  • सरकार के प्रस्ताव को, विपक्षी दलों ने मार्शल लॉ जैसा बताया

पाकिस्तान की इमरान खान सरकार लोकतंत्र और मीडिया की आजादी के मामले में अपने गहरे दोस्त चीन के नक्शेकदम पर है। यहां तक कि वो अब मीडिया के कटाक्षों से भी बचने का रास्ता खोज रही है, भले ही उसके लिए लोगों की आ‌वाज दबानी पड़े। दरअसल, इमरान सरकार ने मीडिया को लेकर नए नियमों का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें मीडिया पर तरह-तरह की रोक और शर्तें लगाने के प्रावधान किए गए हैं। इसके लिए सरकार पाकिस्तान मीडिया डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑर्डिनेंस, 2021 लाना चाहती है।

इसके तहत कई कानूनों के साथ एक ऐसे कानून का भी प्रस्ताव है जिसमें मीडिया के सेना या सरकार पर कटाक्ष करने या तंज कसने पर रोक लगा दी जाएगी। सबसे ज्यादा विरोध इसी प्रावधान को लेकर हो रहा है। इसके बाद से ही ड्राफ्ट का विरोध शुरू हो गया है। अगर कानून लागू हो गया, तो कोई भी मीडिया पाकिस्तान की सरकार या सेना के खिलाफ नहीं बोल सकेगा।

2.5 करोड़ का जुर्माना, 3 साल जेल का प्रावधान

  • एक अथॉरिटी का गठन किया जाएगा। यह सभी तरह के मीडिया के लिए नियम बनाएगी। इसमें कुल 11 सदस्य और एक चेयरपर्सन होंगे। इनकी नियुक्ति केंद्र सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।
  • देश में मीडिया से जुड़े सभी कानून रद्द होंगे। इन सभी का पीएमडीए कानूनों में विलय होगा।
  • मीडिया से जुड़े मामलों के लिए मीडिया ट्रिब्यूनल स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। ट्रिब्यूनल का प्रमुख ग्रेड -22 स्तर का ब्यूरोक्रेट होगा। यह पाकिस्तानी सिविल सेवा की सर्वोच्च रैंक है।
  • उल्लंघन पर ट्रिब्यूनल के जरिए मीडिया संस्थानों पर 2.5 करोड़ पाकिस्तानी रुपए (भारत के सवा करोड़ रुपए) का जुर्माना और 3 साल तक जेल का भी प्रस्ताव है।
  • ड्राफ्ट में डिजिटल मीडिया के संचालन के लिए भी टीवी चैनलों की तरह ही लाइसेंस की अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। वहीं नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, यूट्यूब चैनल, वीडियो लॉग्स को लेकर भी नियम बनाए जाएंगे।

चीन: गलवान घाटी पर सच बोलने वाले ब्लॉगर को जेल

चीन की कम्युनिस्ट सरकार भी मीडिया या जनता की आ‌वाज के दमन के लिए बदनाम है। ताजा मामले में उसने गलवान घाटी में भारतीय और चीन सौनिकों के बीच हुई झड़प का सच सामने लाने वाले ब्लॉगर को आठ महीने के लिए जेल भेज दिया है। दरअसल, ब्लॉगर चाउ जिमिंग ने जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प में चीन के 40 सैनिकों मारे जाने की बात कही थी।

भारत ने भी यही कहा था, रूस की एजेंसी ने भी इस आंकड़े को सही ठहराया था, जबकि चीन सिर्फ 4 बता रहा था। इस खुलासे से भड़के चीन ने जिमिंग को 8 महीने जेल की सजा सुना दी है। सरकार ने जिमिंग को चीनी नायकों और शहीदों को बदनाम करने का दोषी माना है।

वे मार्च में पारित हुए नए सुरक्षा कानून के तहत तहत सजा पाने वाले पहले व्यक्ति हैं। चीन के सीना वीबो माइक्रोब्लॉग पर जिमिंग के 25 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। नानजिंग जियानये पीपुल्स कोर्ट ने सजा सुनाते हुए कहा कि जिनिंग प्रमुख प्लेटफॉर्म और मीडिया पर 10 दिन के अंदर सार्वजनिक माफी भी मांगे।

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