चीन ने 5 साल में ही बदली 2 चाइल्ड पॉलिसी: अब चीन में 3 बच्चे पैदा करने की इजाजत, 71 साल में जनसंख्या वृद्धि दर सबसे धीमी होने पर लिया फैसला


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बीजिंग37 मिनट पहले

चीन ने अपनी टू चाइल्ड पॉलिसी में 5 साल में ही बदलाव कर दिया है। चीन सरकार के मुताबिक, अब शादीशुदा जोड़ों को तीन बच्चे पैदा करने की इजाजत दे दी गई है। चीन ने ये फैसला तब लिया है, जब उसकी जनसंख्या वृद्धि दर 1950 के बाद सबसे धीमी रही है।

चीन में एक दशक में एक बार जनगणना की जाती है, इसके मुताबिक पिछले दशक में वहां की जनसंख्या वृद्धि दर सबसे धीमी रही है। चीन के इस फैसले की वजह 5 सवालों में समझें…

1. बच्चों को लेकर नई पॉलिसी पर फैसला कब लिया गया?
चीन की शिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि पोलित ब्यूरो की हाल ही में हुई बैठक में 3 बच्चों की पॉलिसी पर फैसला लिया गया है। इस बैठक की अध्यक्षता चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कर रहे थे। बैठक में कहा गया कि चीन की जनसंख्या के ढांचे को मजबूत करने के लिए ये फैसला लिया गया है। इसके साथ ही कुछ अन्य सुधार के कदम भी होंगे। इनके जरिए चीन में बूढ़ी होती आबादी की समस्या को सुलझाया जाएगा। इसके साथ ही चीन अपनी मैनपावर की एडवांटेज को भी बरकरार रखना चाहता है। हालांकि, सुधार के दूसरे कदम क्या होंगे, इसे स्पष्ट नहीं किया गया है।

2. चीन में बच्चों को लेकर क्या-क्या नीतियां बनाई गईं?
चीन में बच्चों को लेकर पहली पॉलिसी 70 के दशक के अंत में बनाई गई। तब ये तय किया गया कि शादीशुदा जोड़े केवल एक बच्चा पैदा कर सकेंगे। ये फैसला देश की तेजी से बढ़ती हुई आबादी पर लगाम लगाने के लिए लिया गया था। इस पॉलिसी में 2016 में बदलाव किया गया और एक बच्चों की सीमा बढ़ाकर 2 बच्चे कर दिया गया। अब 5 साल बाद पॉलिसी फिर बदली गई। अब चीन में थ्री चाइल्ड पॉलिसी लागू हो चुकी है।

3. चीन की जनसंख्या वृद्धि दर में क्या बदलाव आया है?
चीन सरकार ने 20 दिन पहले यानी 11 मई को 10 साल की जनगणना के आंकड़े जारी किए थे। जनगणना का काम पिछले साल ही पूरा हो गया था, लेकिन आंकड़े अब जारी किए गए हैं और वो भी बहुत कम। बहरहाल, इन आंकड़ों के हिसाब से देखें तो 2011 से 2020 के बीच चीन की जनसंख्या वृद्धि दर 5.38% रही। 2010 में यह 5.84% थी। जाहिर है जनसंख्या वृद्धि दर कम रही और अब चीन के विशेषज्ञ देश के लिए इसे अच्छा संकेत नहीं मान रहे।

कुछ एक्सपर्ट्स इसे 1979 में अपनाई गई ‘वन चाइल्ड पॉलिसी’ का रिवर्स इफेक्ट मानते हैं। हालांकि, यह पॉलिसी 2016 में खत्म कर दी गई थी। लेकिन, अब यहां कपल्स इसके आदी हो चुके हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चीन की जनसंख्या फिलहाल, 1 अरब 41 करोड़ है। 2010 की तुलना में 72 मिलियन ज्यादा। चीन में पहली जनगणना 1953 में कराई गई थी। इसके बाद से यह सबसे कम जनसंख्या वृद्धि दर है। और यही बीजिंग की फिक्रमंदी का सबब भी है।

4. नई चाइल्ड पॉलिसी पर चीन की जनता का क्या रिएक्शन है?
शंघाई की 26 वर्षीय बीमा पेशेवर एनी झांग ने पिछले साल अप्रैल में शादी की। उन्होंने बताया कि एक बच्चा होना मेरी उम्र में महिलाओं के करियर डेवलपमेंट के लिए एक नुकसानदेह फैसला है। दूसरी बात, एक बच्चे को पालने की लागत (शंघाई में) बहुत ज्यादा है, यह कहीं न कहीं हमारी आजादी को छिनने जैसा है।

एक थिंक-टैंक की 2005 की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में एक सामान्य परिवार के लिए एक बच्चे को पालने में 490,000 युआन ($ 74,838) की लागत आई। स्थानीय मीडिया ने बताया कि 2020 तक यह खर्च चार गुना तक बढ़कर अब1.99 मिलियन युआन हो गया है।

5. दूसरे देशों ने चीन को लेकर क्या आशंकाएं जाहिर की हैं?
‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन सरकार को अब यह डर सताने लगा है कि भविष्य में कहीं देश में काम करने लायक सही उम्र वालों (work force) की कमी न हो जाए। पिछले साल चीन में 12 लाख बच्चों ने जन्म लिया। देश में जनगणना के मुख्य अधिकारी निंग जिंझे के मुताबिक- चार साल से हम बच्चों की कम होती जन्म दर यानी बर्थ रेट देख रहे हैं। यह भविष्य के लिहाज से अच्छे संकेत नहीं कहे जा सकते।

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन दुनिया की दूसरी बड़ी इकोनॉमी और सुपर पॉवर है। अगर इसी रफ्तार से वर्क फोर्स कम होता गया तो भौगोलिक हालात भी तेजी से बदलेंगे। इसका सीधा असर इकोनॉमिक ग्रोथ और सेना पर भी पड़ेगा। जिंझे मानते हैं कि चीन में युवाओं की तुलना में बुजुर्गों की तादाद कम होना भी चिंता की वजह है। इससे खर्च बढ़ेगा और आमदनी कम होगी। पेंशन और दूसरे उपायों पर खर्च ज्यादा करना पड़ेगा।

वुहान के एक पार्क में बच्चों के साथ मौजूद महिला। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के युवा परिवार से ज्यादा अहमियत कॅरियर को दे रहे हैं।

शादी की उम्र बहुत ज्यादा
इसी रिपोर्ट में बताया गया है कि 2014 के बाद से चीन में शादी करने की औसत उम्र बढ़ती जा रही है। यानी युवा सही उम्र में शादी नहीं कर रहे हैं। इसका सीधा संबंध जन्म दर से है। इतना ही नहीं, मुसीबत दोहरी है। एक और जहां युवा देरी से शादी कर रहे हैं वहीं, 2003 के बाद से तलाक लेने वालों की तादाद बहुत तेजी से बढ़ी है। इस बढ़ते ट्रैंड को कम करने के लिए स्कूल और कॉलेजों में परिवार और बच्चों के महत्व पर स्पेशल कोर्स लाए जा रहे हैं।

चीन की इस परेशानी के कुछ कारण

  • मातृत्व दर 1.3% है। मोटे तौर कपल्स एक से ज्यादा बच्चे नहीं चाहते।
  • वन चाइल्ड पॉलिसी की वजह से जेंडर गैप बढ़ा। बेटियों की भ्रूण हत्या कर दी गई। फिलहाल, करीब 112 पुरुषों पर 100 महिलाएं हैं। 2010 में यह 118 पुरुषों पर 100 महिलाएं थीं। यानी इस मामले में हालात बेहतर हुए।
  • युवा एजुकेशन और कॅरियर पर काफी फोकस कर रहे हैं। कई बार वे कॅरियर बनाने के चक्कर में परिवार से दूर हो जाते हैं।

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