छात्र अभिभावक मंच ने किया विरोध: बिना जनरल हाउस के ही निजी स्कूलाें ने बढ़ाई 15-50% फीस


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

शिमला2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

छात्र अभिभावक मंच ने उच्चतर शिक्षा निदेशक से निजी स्कूलों द्वारा वर्ष 2020 व वर्ष 2021 में अभिभावकों का जनरल हाउस किए बगैर ही की गई पंद्रह से पचास प्रतिशत भारी फीस बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की है। मंच ने कोरोना काल के इन दो वर्षों में पंद्रह से पचास प्रतिशत तक कि गई वृद्धि को गैरकानूनी करार दिया है व इसे सम्माहित करने की मांग की है।

मंच ने इस संदर्भ में तुरंत अधिसूचना जारी करने की मांग की है। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, मंच के सदस्य भुवनेश्वर सिंह, कमलेश वर्मा, रमेश शर्मा, राजेश पराशर, अंजना मेहता, राजीव सूद अादि ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि निजी स्कूलों में बगैर जनरल हाउस की इजाजत के वर्ष 2020 व 2021 में की गई भारी फीस बढ़ोतरी को अगर वापस न लिया गया तो छात्र अभिभावक मंच आंदोलन तेज करेगा।

उन्होंने कहा है कि अभिभावकों के निरंतर संघर्ष के बाद शिक्षा विभाग का दयानंद स्कूल के संदर्भ में जारी किया गया लिखित आदेश तभी मायने रखता है अगर शिक्षा अधिकारी 5 दिसंबर 2019 के आदेश को अक्षरशः लागू करवाने में सफल होते हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसा ही आदेश सभी निजी स्कूलों के लिए तुरन्त जारी होना चाहिए।

मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि पिछले दो वर्षों में शिमला शहर में निजी स्कूलों ने बारह हजार से बीस हजार रुपए तक की फीस बढ़ोतरी की है। इन स्कूलों ने बड़ी चालाकी से अब ट्यूशन फीस को भी कई गुणा बढ़ा दिया है व कुल फीस का मुख्य हिस्सा ही ट्यूशन फीस में बदल दिया है। अब कुल फीस का अस्सी से 90 प्रतिशत ट्यूशन फीस ही बना दिया गया है ताकि कोई ट्यूशन फीस के नाम पर फीस बढ़ोतरी पर प्रश्न चिन्ह न खड़ा कर सके।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

%d bloggers like this: