इजिप्ट की पहल: इजराइल, फिलीस्तीन और हमास के बीच काहिरा में बातचीत संभव, 7 साल पहले मारे गए दो इजराइली सैनिकों के शव लौटा सकता है हमास

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काहिरा3 मिनट पहले

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हमास के कुछ रॉकेट्स इजराइली शहर एश्केलोन में भी गिरे थे। यहां 2 लोगों की मौत हुई थी। - Dainik Bhaskar

हमास के कुछ रॉकेट्स इजराइली शहर एश्केलोन में भी गिरे थे। यहां 2 लोगों की मौत हुई थी।

इजराइल और हमास के बीच सीजफायर कराने के बाद अब इजिप्ट इसे लम्बे वक्त तक बहाल रखना चाहता है। यही वजह है कि इस बार वो इस मामले से जुड़े सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने कोशिश कर रहा है। ‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जल्द ही इजिप्ट की राजधानी काहिरा में एक बेहद अहम मीटिंग हो सकती है। इसमें इजराइल के अलावा फिलीस्तीन और हमास भी हिस्सा लेंगे।

इस मीटिंग में इजराइल दो अहम मुद्दे उठाएगा। पहला- 2014 में मारे गए दो इजराइली सैनिकों के शव हमास के कब्जे में हैं, इन्हें लौटाया जाए। दूसरा- एक इजराइली नागरिक भी हमास के कब्जे में है, इसकी भी सुरक्षित वापसी तय की जाए।

अमेरिका की पहल
सीजफायर में पर्दे के पीछे भले ही इजिप्ट और सऊदी अरब का नाम लिया जा रहा हो, लेकिन सच है कि इसमें सबसे अहम किरदार अमेरिका ने अदा किया। यही वजह है कि सीजफायर के फौरन बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन मिडल-ईस्ट के दौरे पर निकल गए। यहां उन्होंने इजिप्ट और दूसरे देशों से लंबी चर्चा की। इसके बाद ही यह खबर आई कि काहिरा में इस विवाद से जुड़े सभी पक्ष बैठेंगे। अमेरिका ने एक और काम किया। गाजा में बुनियादी सुविधाओं की बहाली पर तो जोर और मदद की पेशकश की, लेकिन यह भी तय कर दिया कि इसका फायदा हमास न उठा सके।

हमास को अकेले पड़ने का डर
फिलीस्तीन को दो हिस्सों के तौर पर देखा जाता है। एक में फिलीस्तीनी सरकार है और इसे वेस्ट बैंक कहा जाता है। दूसरा हिस्सा गाजा पट्टी है। यहां हमास की हुकूमत है। दोनों के बीच तालमेल तो छोड़िए ज्यादातर मुद्दों पर गहरे मतभेद और टकराव है। इजराइल, अमेरिका और पश्चिमी देश हमास को आतंकी संगठन मानते हैं। इसे ईरान से मदद मिलती है। आने वाले दिनों में ईरान पर मदद रोकने का दबाव बढ़ेगा। इससे हमास अकेला और कमजोर पड़ जाएगा। जाहिर है, इसका फायदा इजराइल और मध्य पूर्व के बाकी देशों को होगा। क्योंकि, हमास अगर शांति के लिए राजी हो जाता है तो फिर इस क्षेत्र में लंबे वक्त तक अमन बहाली रह सकती है।

ये वही दो इजराइली सैनिक हैं, जिनकी 2014 में हमास ने हत्या कर दी थी। कहा जाता है कि इनके शव अब भी गाजा में सुरक्षित हैं।

ये वही दो इजराइली सैनिक हैं, जिनकी 2014 में हमास ने हत्या कर दी थी। कहा जाता है कि इनके शव अब भी गाजा में सुरक्षित हैं।

इजराइल की शर्तें
रिपोर्ट के मुताबिक, मीटिंग के दौरान इजराइल अपने उन दो सैनिकों के शव मांगेगा, जिनकी हत्या हमास ने की थी। कहा जाता है कि हमास के पास ये शव अब भी सुरक्षित हैं। एक इजराइली भी हमास के कब्जे में है। इजराइल इसे भी वापस मांगेगा। इन दोनों शर्तों के मानने के बाद ही हमास में री-कंस्ट्रक्शन शुरू हो सकता है।

तारीख अभी तय नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते इजिप्ट और अमेरिका के दो डिप्लोमैट्स ने इजराइल की गुप्त यात्रा की थी। इसमें काहिरी मीटिंग पर सहमति बनी। हालांकि, तारीख अभी तय नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल चाहता है कि हमास और फिलीस्तीनी लीडरशिप से अलग-अलग बातचीत की जाए, क्योंकि दोनों का नजरिया जुदा है।

इजिप्ट क्यों अहम
इजिप्ट ही वो देश है जिसके न सिर्फ इजराइल और अमेरिका, बल्कि फिलीस्तीनी सरकार और हमास से भी अच्छे संबंध हैं। कहा जा रहै कि हमास भी इजराइल के सामने उसकी जेलों में बंद फिलीस्तीनी लोगों की रिहाई की मांग करेगा। 2011 में कुछ लोगों को इजराइल ने रिहा भी किया था, लेकिन 2014 में फिर कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इजिप्ट ने अपने दो डिप्लोमैट्स तेल अवीव और गाजा भेजे हैं।

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