कोरोना के बाद अब बिहार में बढ़ने लगा ब्लैक फंगस का प्रकोप, 178 मरीज भर्ती, अबतक 9 की मौत

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बिहार में कोरोना संक्रमण के बाद ब्लैक फंगस म्यूकरमाइकोसिस का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। महज नौ दिनों में इससे पीड़ितों की संख्या एक से बढ़कर 328 तक जा पहुंची है। राज्य का पहला मरीज पटना एम्स में सोमवार 17 मई को भर्ती हुआ था। औरंगाबाद का यह मरीज पूर्व में कोरोना संक्रमित था। दो दिन के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। दो दिन बाद दो अन्य मरीजों की मौत रूबन अस्पताल में हुई। वहां अब तक 11 मरीजों का ऑपरेशन हो चुका है।

एम्स पटना में भी लगभग 20 और आईजीआईएमएस में भी 20 संक्रमितों का ऑपरेशन अब तक किया जा चुका है। यही नहीं आईजीआईएमएस के 100 बेड और एम्स के 50 बेड का ब्लैक फंगस वार्ड पूरी तरह से भर गया है। एम्स में कई मरीज कोविड वार्ड में शिफ्ट किए गए हैं। 17 मई के बाद से एम्स और आईजीआईएमएस में लगातार मरीजों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई थी। 21 मई को यह संख्या बढ़कर 101, 24 मई को 201 और 25 मई को 317 पर जा पहुंची। मरीजों की संख्या बढ़ती देख आईजीआईएमएस में 40 बेड के वार्ड को बढ़ाकर 100 बेड का कर दिया गया। वहीं, पीएमसीएच में भी 50 बेड का फंगस वार्ड खुल गया। इसमें दो मरीज भर्ती भी हो गए हैं।

बिहार में अब तक 415 मरीजों की हो चुकी है पहचान
बिहार में ब्लैक फंगस यानी म्यूकोर माइकोसिस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। राज्य में अब तक ब्लैक फंगस के करीब 415 मामले सामने आए हैं। सभी मरीजों की जांच की गई है। इनमें अधिकतर को दवा देकर घर पर ही रह कर इलाज कराने की सलाह दी गयी है। राज्य के प्रमुख अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 178 मरीज भर्ती हैं। इनमें 99 आईजीआईएमएस, पटना, 72 मरीज एम्स पटना, 6 मरीज एनएमसीएच और एक मरीज पीएमसीएच में भर्ती हैं। आईजीआईएमएस, एम्स समेत अलग-अलग अस्पतालों में म्यूकोर माइकोसिस के करीब 20 मरीज प्रतिदिन भर्ती हो रहे हैं। पटना सहित पूरे बिहार में ब्लैक फंगस के मरीज मिल रहे हैं। अब तक गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर में मरीजों की पहचान हुई है। राज्य में भर्ती किये गए मरीजों में 42 से अधिक मरीजों का ऑपरेशन भी किया जा चुका है। एम्स का 50 बेड का फंगस वार्ड फुल हो चुका है। पीएमसीएच में बुधवार से 70 बेड ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए शुरू हुआ। इनमें 50 बेड ईएनटी विभाग में और 20 बेड नेत्र रोग विभाग में शुरू हुआ। वहीं, एम्स में 50 बेड का वार्ड बन चुका है और 20 बेड बढ़ाने की तैयारी है। जबकि आईजीआईएमएस में 110 बेड मरीजों के लिए चिह्नित किये गये हैं।

नौ मरीजों की हो चुकी है मौत 
राज्य में अबतक ब्लैक फंगस के नौ मरीजों की  मौत हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक चार आईजीआईएमएस, एक निजी अस्पताल व दो मरीजों की मौत एम्स में हुई है। ये सभी मरीज पटना, बक्सर, छपरा, मुजफ्फरपुर आदि जिलों के थे। इलाज के लिए पटना के अस्पतालों में भर्ती हुए थे।  
310 वॉयल एम्फिटेरेसिन- बी दवा राज्य को उपलब्ध हुई : केंद्र सरकार से ब्लैक फंगस की बीमारी में दी जाने वाली दवा एम्फिटेरेसिन- बी इंजेक्शन के 310 वॉयल राज्य को अबतक दो बार में उपलब्ध कराए हैं। जिसे सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को उपलब्ध कराया गया है। इसके बावजूद ब्लैक फंगस के बढ़ते मरीजों के हिसाब से दवाएं कम पड़ रही है।

मरीजों के लिए वार्ड बनाने के निर्देश दिए
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके अनुसार वार्ड बनाये जा रहे हैं। वहीं, विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में 300 से अधिक मरीज इलाज के लिए आये, जबकि इतने मरीज एक साल में ब्लैक फंगस के अस्पताल में आते थे।

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