रेमडेसिविर का काला धंधा: रोपड़ में नहर से बरामद इंजेक्शन का कनेक्शन एल्फिन ड्रग्स के साथ, कंपनी के मालिक और मैनेजर गिरफ्तार


  • Hindi News
  • Local
  • Himachal
  • Nalagarh Remedesvir’s Connection To Injection Of Elfin Drugs Recovered From Canal In Black Trade, Ropar, Company Owner And Manager Arrested

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नालागढ़6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
अंबाला पुलिस की तरफ नकली रेमडेसिविर की सप्लाई के मामले में गिरफ्तार किए गए लोग। - Dainik Bhaskar

अंबाला पुलिस की तरफ नकली रेमडेसिविर की सप्लाई के मामले में गिरफ्तार किए गए लोग।

  • अंबाला में रेमडेसिविर के नकली इंजेक्शन पकड़े जाने के बाद तफ्तीश के दौरान की पुलिस ने कार्रवाई
  • बिना लेबल की 300 वॉयल और भारी मात्रा में पाउडर बरामद, स्टोर सील करके सैंपल जांच को भेजे

बीते दिनों पंजाब के रोपड़ में नहर से रेमडेसिविर के इंजेक्शन बरामद किए जाने की घटना का कनेक्शन हिमाचल प्रदेश में चल रही एल्फिन ड्रग्स के साथ जुड़ता नजर आ रहा है। मंगलवार शाम को हरियाणा पुलिस की अंबाला से आई टीम ने रेड की तो यहां बरामद वॉयल की लेबलिंग अंबाला में पकड़ी गई खेप और रोपड़ में बरामद रेमडेसिविर की खेप से मैच हुई बताई जा रही है। फिलहाल अंबाला पुलिस ने कंपनी के मालिक और मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही यहां से बरामद पाउडर के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं।

इस तरह जुड़ती चली गई कड़ियां

मिली जानकारी के अनुसार 21 अप्रैल को अंबाला पुलिस ने छावनी इलाके में नाके पर चेकिंग के दौरान दो गाड़ियों से रेमडेसिविर के 24 इंजेक्शन बरामद किए थे। इस मामले में पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया था। जांच रिपोर्ट में सभी 24 इंजेक्शन नकली पाए गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो कई जगह इस मामले के तार जुड़ते नजर आए। इसी मामले में पुलिस ने पंचकूला में रेड करके प्रदीप कुमार नामक एक और आरोपी को 399 नकली इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया। उससे 50 हजार रुपए की नकदी और अन्य सामान बरामद हुआ था। कई गिरफ्तारियों के बाद बीते दिन अंबाला पुलिस ने इस सारे खेल के मोहाली निवासी मास्टर माइंड दिलप्रीत सिंह और मैनेजर मनोज को गिरफ्तार किया है। कोर्ट में पेश करके 2 दिन का रिमांड भी लिया जा चुका है।

अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी पुलिस

असल में दिलप्रीत सिंह की हिमाचल के नालागढ़ में एल्फिन ड्रग्स के नाम से एक कंपनी है, जहां से पुलिस ने 300 वॉयल बिना लेवल की और 80 वॉयल लेबल लगी हुई सील बंद बरामद की हैं। इसके अलावा पुलिस ने 3354 आउटर कार्टन लेवल भी बरामद किए हैं, जिन पर अंग्रेजी और एक अन्य भाषा में जानकारी अंकित है। पुलिस ने फैक्ट्री के स्टोर को सील करके हिमाचल प्रदेश पुलिस की गार्द लगवा दी है। उधर इस पूरे प्रकरण में पुलिस अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

नालागढ़ से 10-12 किलोमीटर दूर है रोपड़ से गुजरती नहर

इस बारे में अंबाला के पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर का कहना है कि थाना चमकौर साहिब पंजाब के क्षेत्र गांव सलेमपुर के पास नहर में कुछ दिन पहले इंजेक्शन फेंके गए थे। उस घटना से भी इस मामले के तार जुड़ते हुए नजर आ रहे हैं। ध्यान रहे कि 7 मई को पंजाब के रोपड़ में रेमेडिसिविर 671 इंजेक्शन नहर में पड़े मिले थे। यह नहर नालागढ़ से 10-12 किलोमीटर ही दूर है। अब अंदेशा है कि 21 अप्रैल को अंबाला में रेमडेसिविर इंजेक्शन का मामला पकड़े जाने के डर से कंपनी ने नालागढ़ के साथ लहती रोपड़ नहर में जाकर हेट्रो की फेक लेबलिंग के इंजेक्शन फेंक दिए थे। नहर से मिली और अंबाला में पकड़ी गई वॉयलस की एक जैसी लेबलिंग है।

अब जरा जान लें, इनका क्या कहना है

हालांकि पुलिस अधिकारियों को यहां से बरामद सफेद रंग के एक पाउडर को निर्माता कंपनी के द्वारा मिनोपिरम पाउडर बताया गया जो एंटीबॉयोटिक है। यह कार्रवाई पंचकूला से पकड़े गए एल्फिन ड्रग्स के मैनेजर मनोज से पूछताछ में हुए खुलासे के बाद हुई है। अभी तक की जांच में पाया गया है कि मनोज ही सप्लाई आगे सप्लाई कर रहा था।

इस बारे में हिमाचल प्रदेश के स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाहा का कहना है कि प्रदेश का कोई भी उद्योग अगर इस तरह के मामले में संलिप्त पाया जाता है तो बिल्कुल भी बर्दाश्त नही होगा। एल्फिन उद्योग को नोटिस जारी कर दिया गया है। हालांकि मौके पर ऐसा कुछ नहीं पाया गया कि किसी तरह के रेमडेसिविर का उत्पादन चल रहा था।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

%d bloggers like this: