चीन पर शिकंजा कसने की तैयारी: डॉ. फाउसी बोले- हम कोरोना के ओरिजिन के बारे में सबकुछ नहीं जानते; अमेरिका WHO की जांच को आगे ले जाएगा

[ad_1]

  • Hindi News
  • International
  • Coronavirus Origins Investigation Latest News Update | Investigation Against China, China Role In Corona, US Infectious Disease Expert, Dr Anthony Fauci

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

न्यूयॉर्क4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

कोरोनावायसरस की उत्पत्ति के बारे में चीन पर हमेशा से आरोप लगते रहे हैं। बीते दिन अमेरिकी मीडिया में चीन के वुहान लैब से ही वायरस के लीक होने के खुलासे के बाद अमेरिका जांच को और तेज करने की तैयारी कर रहा है। अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. एंथेनी फाउसी ने कहा कि हमें जांच जारी रखनी चाहिए। अब वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की जांच को एक फेज आगे ले जाना होगा।

उन्होंने कहा, ‘हम दृढ़ता से महसूस करते हैं कि हमें जांच जारी रखनी चाहिए। सच को सामने लाने के लिए जरूरी है कि WHO की जांच को एक लेवल ऊपर ले जाया जाए। हम वायरस की शुरुआत के बारे में 100% नहीं जानते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि हम देखें और जांच करें।’

WHO ने अब तक हमारी मदद नहीं की : व्हाइट हाउस
उधर, व्हाइट हाउस के सीनियर एडवाइजर फॉर कोविड रिस्पॉन्स एंडी स्लाविट ने कहा कि हमें चीन से पारदर्शी प्रक्रिया की उम्मीद है। हमें मामले की तह तक पहुंचने के लिए WHO की मदद की जरूरत होगी। फिलहाल अब तक हमें यह नहीं मिली है। हमें इसकी सच्चाई सबके सामने लाने की जरूरत है। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।

अमेरिकी मीडिया के खुलासे के बाद मामले ने फिर तूल पकड़ी
कोरोनावायरस की शुरुआत आखिर कहां से हुई? चीन पारदर्शी जांच से परहेज क्यों करता है? यह सवाल एक बार फिर उठ खड़ा हुआ है। शुरुआत अमेरिका के ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ अखबार की एक रिपोर्ट से हुई। इसमें कहा गया- वुहान लैब की तीन रिसर्चर नवंबर में 2019 में ही सर्दी-जुकाम या निमोनिया से परेशान थे। यही लक्षण कोरोना के भी होते हैं। इन्होंने अस्पताल से मदद मांगी थी। इसके बाद से एक बार फिर चीन अमेरिका के निशाने पर आ गया है।

अमेरिका ने सख्त रुख अपनाया
इस रिपोर्ट पर अमेरिकी सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया। अमेरिका ने चीन से कहा है कि कोरोनावायरस कैसे फैला, कहां से शुरू हुआ? इसकी पारदर्शी तरीके से नई जांच होनी चाहिए। इतना ही नहीं अमेरिका ने चीन के दुश्मन ताइवान को ऑब्जर्वर बनाने की मांग भी कर दी। दबाव बढ़ा तो चीन ने रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसमे अमेरिका का नया झूठ करार दे दिया।

चीन भी सख्त
पश्चिमी देशों और खासकर अमेरिका की तरफ से कोविड-19 की जांच के बढ़ते दबाव के बाद चीन ने भी जवाब दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजियान ने कहा- इसी साल WHO एक्सपर्ट्स ने वुहान लैब का दौरा किया था। उन्होंने पूरी जांच की थी। उन्हें इस तरह के कोई सबूत नहीं मिले थे। हम साफ कर देना चाहते हैं कि इस तरह की रिपोर्ट्स झूठी हैं। WHO ने भी कहा था कि लैब से वायरस लीक होने की संभावना भी गलत है। वुहान लैब का कोई रिसर्चर कभी बीमार नहीं हुआ।

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

Live Sachcha Dost TV

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: