महंगाई की मार: काेराेनाकाल में सब्जियां महंगी, बाहरी राज्य से कम हुई सप्लाई, लोकल सब्जियां पहले ही कम; उपनगरों में तो मनमाने दाम


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शिमला2 घंटे पहले

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  • गृहिणियों की रसोई का बजट बिगाड़ा, कई जगह दुकानदार रेट लिस्ट लगाना भी जरूरी नहीं समझते

काेराेनाकाल में जहां सरकार आम लाेगाें काे न ताे वैक्सीन उपलब्ध करवा पा रही है और न ही जरूरी सामान के रेट कंट्राेल कर पा रही है। शहर में सब्जियाें के दाम भी बढ़ गए हैं। बाहरी राज्याें से सब्जियाें की सप्लाई कम आ रही है। ऐसे में अब सब्जियाें के दाम लगातार बढ़ाेतरी हाे रही है। आलू-प्याज के अलावा अन्य सब्जियां भी महंगी हाेती जा रही है।

उपनगरों में सब्जियों के भाव लोअर बाजार की सब्जी मंडी से 20 से 30 रुपए अधिक हैं। संजौली, लक्कड़बाजार, कसुम्पटी, विकासनगर सहित अन्य उपनगरों में लोगों को महंगी सब्जियां लाेेगाें काे मिल रही हैं। 50 से 60 रुपए में सिर्फ एक ही समय की सब्जी बन पाती है। ऐसे में महंगी सब्जियों ने गृहिणियों की रसोई का बजट बिगाड़ कर रख दिया है।

लोग बाजार में अधिक सब्जी की जगह आधा-आधा किलो सब्जियां खरीद रहे हैं, क्याेंकि महंगाई के इस दाैर में सब्जियां खरीदना मुश्किल हाे गया है। सब्जी व्यापारियों का कहना है कि काेराेना की वजह से मंडी में बाकी महीनों के मुकाबले कम सब्जियां पहुंच रही हैं, इसके चलते दाम बढ़े हैं। आगामी दो महीने तक स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी।

दुकानदार नहीं लगाते है रेट लिस्ट

हालांकि जिला प्रशासन खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से दो महीने पहले संजौली सब्जी विक्रेताओं के रेट लिस्ट लगाने पर चालान भी काटे गए। इसके बावजूद दुकानदार रेट लिस्ट लगाना बोझ समझते हैं। विभाग की ओर से हर दुकानदार चाहे वो सब्जी बेचता हो या फल उसके रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य किया गया, लेकिन दुकानदारों की मनमानी को कोई भी नहीं रोक पा रहा है।

किसानाें काे मिलते है कम दाम, सब्जी मंडी में बढ़ा देते हैं दाम

किसानाें काे ताे उनकी फसल का पूरा मेहनताना नहीं मिल पाता है, जबकि दूसरी ओर आम आदमी तक पहुंचते पहुंचते सब्जियाें के दाम लगातार बढ़ते जाते हैं। ढली सब्जी मंडी में सब्जियों की सप्लाई शिमला के उपरी क्षेत्रों कुफरी, फागू, सैंज, ठियोग, और कोटखाई आदि से रही है। इसके अलावा मंडी के करसोग क्षेत्र से भी सब्जियां मार्केट में पहुंच रही है। इसके बावजूद आम लाेगाें काे सब्जियां महंगी मिलती हैं।

बाहरी राज्य से दुकानदार अपनी जरूरत के अनुसार ही सब्जियां मंगवा रहे हैं। कार्ट राेड से मंडी तक पहुंचाने के लिए प्रति नग हम 40 रुपए का भुगतान करते हैं। ऐसे में सब्जियां महंगी हाे रही हैं। काेराेना के कारण सब्जियां कम मार्केट में पहुंच रही हैं। इसलिए कुछ सब्जियाें के दाम में उछाल आया है।

सतपाल शर्मा, अध्यक्ष, आढ़ती एसाेसिएशन, फ्रट एंड वेजिटेबल मंडी शिमला

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