जिंदा हैं ‘ताऊ ते’ के जख्म: सामने आया समुद्र में डूबी टगबोट ‘वरप्रदा’ का आखिरी वीडियो, डूबती रही बोट और जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष करते रहे 13 लोग

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मुंबई10 मिनट पहले

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यह वीडियो 'टगबोट' पर सवार साहेब भूनिया नाम के चीफ इंजीनियर ने बनाया है। वे और उनके साथ  फ्रांसिस साइमन भी इस हादसे में जिंदा बचे हैं। - Dainik Bhaskar

यह वीडियो ‘टगबोट’ पर सवार साहेब भूनिया नाम के चीफ इंजीनियर ने बनाया है। वे और उनके साथ फ्रांसिस साइमन भी इस हादसे में जिंदा बचे हैं।

चक्रवाती तूफान ‘ताउ ते’ की चपेट में आकर समुद्र में डूबी टगबोट ‘वरप्रदा’ पर सवार 13 में से 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। गुजरात और रत्नागिरी से बरामद हुए 16 शवों में से 11 शव ‘वरप्रदा’ के बताए जा रहे हैं, लेकिन तकरीबन 7 दिन तक पानी में रहने के कारण इन्हें पहचानने में मुश्किल हो रहा है। DNA टेस्ट के माध्यम से इनकी पहचान की जा रही है। इस बीच ‘वरप्रदा’ के डूबने का आखिरी वीडियो सामने आया है। समुद्र में डूबी इस टगबोट के अवशेष मुंबई से 35 किलोमीटर दूर समुद्र में मिल चुके हैं।

वरप्रदा पर सवार जो दो लोग बचे हैं, उनमें चीफ इंजीनियर फ्रांसिस साइमन (50) और साहेब भूनिया (23) शामिल हैं। साहेब भूनिया ने ही भीषण तूफान के बीच इस वीडियो को शूट किया था। वीडियो में टगबोट पर सवार सूरज चौहान नाम के डेक कैडेट भी नजर आ रहे हैं। वीडियो में साहेब अपने साथी सूरज से कह रहे हैं कि वो पैनिक ना करें।

बोट को डूबते देख सभी ने छलांग लगा दी थी
मूल रूप से बंगाल के रहने वाले साहेब भूनिया ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद हम JNPT पोर्ट पहुंच गए थे, जहां एंकर डाल दिया था। लेकिन जब तूफान आया, तो बोट का एंकर भी टूट गया। कुछ देर बाद बोट डूबने लगी और फिर हमने बोट से छलांग लगा दी। वीडियो में बोट को धीरे-धीरे डूबते देखा जा सकता है।

सूरज के पिता को उम्मीद, जल्द लौटेगा बेटा
बोट से गायब हुए सूरज को तलाशने के लिए उनके पिता संतलाल चौहान सोमवार को मुंबई पहुंचे और उन्होंने अपना खून का नमूना DNA जांच के लिए दिया है। पिता का कहना है कि उनका बेटा सूरज एक ऑइल बार्ज पर था, वह वरप्रदा पर कैसे पहुंचा। उन्हें अभी भी यकीन है कि चमत्कार होगा और उनका बेटा लौट आएगा।

यह होता है टगबोट का काम
टगवोट समुद्र में खराब हुए या फंसी हुए जहाजों को खींच कर किनारे तक लाने का काम करता है। टगवोट लोहे की जंजीर व अन्य उपकरण से खराब जहजा को खींच कर किनारे तक लाती है। इस दौरान कई बार वोट से बंधी जंजीर टूट जाती है।

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