तैयारी: आईजीएमसी में ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए तैयार किया अलग वार्ड, बाकी मरीजों की नहीं होगी अनुमति

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शिमला8 मिनट पहले

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  • दो महिलाएं हो चुकी हैं संक्रमित, कोरोना की तरह फैलता है इस बीमारी का संक्रमण

आईजीएमसी में ब्लैक फंगस के मामले आना शुरू हाे गए हैं। यहं दो महिलाएं ब्लैक फंगस से संक्रमित आई है। जबकि कुछ संदिग्ध मरीज भी ब्लैक फंगस के आईजीएमसी में आ चुके हैं। चिकित्सकाें के अनुसार ब्लैक फंगस भी काेराेना की तरह संक्रमण फैलाने वाली बीमारी है।

ऐसे में अब ब्लैक फंगस से निपटने के लिए आईजीएमसी में खास इंतजाम किए गए हैं। आईजीएमसी में ब्लैक फंगस वाले मरीजाें के लिए अलग से वार्ड तैयार किया जा रहा है। ई ब्लाॅक में ही एक वार्ड में ब्लैक फंगस के मरीजाें काे रखा जाएगा। इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली है। इन मरीजाें काे काेराेना मरीजाें से अलग रखा जाएगा। यही नहीं काेराेना की तरह इस वार्ड में भी किसी मरीज या तीमारदार काे जाने की अनुमति नहीं हाेगी। ब्लैक फंगस के मरीज आने के बाद आईजीएमसी प्रशासन अब अलर्ट पर है।

इसलिए रखा जा रहा अलग

ब्लैक फंगस भी काेराेना की तरह संक्रमण वाली बीमारी है। हालांकि अब तक इसका एक ही मरीज आईजीएमसी में आया है, बावजूद इसके संक्रमण फैलने के डर से प्रशासन अलर्ट है। प्रशासन काे डर है कि आईजीएमसी में ब्लैक फंगस काेराेना के अन्य मरीजाें में ना फैले ऐसे में अब जाे भी ब्लैक फंगस का मरीज आएगा, उसे अलग ही वार्ड में रखा जाएगा। हालांकि अब प्रशासन ने ब्लैक फंगस के मरीजाें पर नजर रखना शुरू कर दिया है, ताकि काेई भी ब्लैक फंगस का मरीज आम मरीजाें के साथ ना रह सके।

ब्लैक फंगस के लक्षण

ब्लैक फंगस में बुखार का आना आंखों के पीछे दर्द रहना, शरीर मे काले निशान बन जाना, सिर में दर्द रहना, दांत में दर्द होना का चेहरे पर काले निशान का होना, थूक के साथ खून आना जैसे कई अन्य लक्षण पाए जाते है। ऐसे लक्षण दिखने पर मरीजों को अस्पताल में दिखाना चाहिए ये ब्लैक फंगस हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार कोविड के बाद ब्लैक फंगस या म्यूकर माइकोसिस कोविड से ठीक हो चुके लोगों पर अटैक कर रहा है। इस रोग में काले रंग की फंगस नाक, साइनस, आंख और दिमाग में फैलकर उन्हें नष्ट कर रही है और मरीजों की जान पर बन रही है।

बढ़ सकते हैं मरीज

हालांकि अभी तक आईजीएमसी में ब्लैक फंगस का एक ही मरीज आया है, मगर आगामी दिनाें में इसके मरीजाें के बढ़ने की संभावना है। पड़ाेसी राज्याें में इसके अब तक कई मरीज आ चुके हैं। ऐसे में प्रदेश भी अलर्ट पर है। अब काेराेना के साथ-साथ प्रशासन काे ब्लैक फंगस से भी निपटना पड़ेगा। क्याेंकि ब्लैक फंगस एक ऐसी बीमारी है, जाे किसी काे भी जकड़ सकती है काेराेना के बाद ब्लैक फंगस मरीजाें काे हाे सकता है। ऐसे में आईजीएमसी इसके लिए पहले ही तैयार हाे गया है।

आईजीएमसी में ब्लैक फंगस का एक मरीज आया है। हमीरपुर की महिला ब्लैक फंगस से संक्रमित पाई गई है। आईजीएमसी ब्लैक फंगस से निपटने के लिए तैयार है। यहां पर महिला काे अन्य मरीजाें से अन्य रखा गया है। आगामी दिनाें में भी ब्लैक फंगस के आने वाले मरीजाें काे अलग रखा जाएगा। इसके लिए पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। -प्राे. रजनीश पठानिया, प्रिंसिपल आईजीएमसी शिमला

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