ड्राइविंग लाइसेंस के लिए परेशान: तीन महीने हुए आवेदन किए, हजारों युवाओं के नहीं बन रहे ड्राइविंग लाइसेंस

[ad_1]

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

शिमलाएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक
  • परिवहन विभाग का कहना, जब तक कोरोना नहीं थमता तब तक नहीं बनेंगे लाइसेंस
  • लर्निंग लाइसेंस के बिना गाड़ी चलाने पर होता है चालान, ये लाइसेंस महज 6 महीने तक की होता है वैलिड

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पिछले तीन महीने में हजारों युवाओं ने लर्निंग लाइसेंस तो बना दिया है, लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अभी भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। लाइसेंस बनाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से अभी तक ना तो किसी तरह की जानकारी युवाओं को दी गई है और ना ही चालान से बचाने के लिए किसी तरह की नोटिफिकेशन जारी की जा रही है।

ऐसे में अगर कोई भी व्यक्ति गाड़ी चलाता हो पकड़ा गया तो उस पर भारी-भरकम जुर्माना किया जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परिवहन विभाग या तो लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दें या फिर पुलिस महकमे को जुर्माना ना करने के लिए कोई नियम बनाए। परिवहन विभाग की ओर से लर्निंग लाइसेंस के लिए अब ऑनलाइन आवेदन करने को कहा जाता है।

हजारों युवाओं ने ऑनलाइन आवेदन लर्निंग लाइसेंस के लिए किए हैं। एक महीने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस के लिए परिवहन विभाग की ओर से को बुलाया जाता है। जबकि अब तीन महीने से भी अधिक का समय हो गया है। अभी तक भी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए को नहीं बुलाया जा रहा है। इस मामले में आरटीओ दिले राम का कहना है कि कोरोना कि चलते अभी लाइसेंस की प्रक्रिया रुकी हुई है। जल्दी ही ड्राइविंग लाइसेंस के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

छह महीने के बाद लर्निंग लाइसेंस इनवैलिड

परिवहन नियमों के अनुसार लर्निंग लाइसेंस की वैधता सिर्फ 6 महीने की होती है। लर्निंग लाइसेंस होने के बावजूद किसी भी समय चालान हो सकता है। क्योंकि नियम बने हैं कि लर्निंग लाइसेंस के साथ गाड़ी चलाते वक्त वैलिड लाइसेंस का व्यक्ति साथ होना चाहिए, इसके अलावा एल का निशान गाड़ी में होना भी जरूरी है। ऐसे में इन दिनों लर्निंग लाइसेंस वाला व्यक्ति अगर गाड़ी चला रहा है तो पुलिस की ओर से चालान भी किए जा रहे हैं।

एक ही नाम से दो लाइसेंस नहीं बन पाएंगे

एक ही नाम से एक से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की अब खैर नहीं है। इसके लिए सड़क परिवहन मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने व पुराने लाइसेंस को रिन्यू कराने के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता की जा रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि एक ही व्यक्ति एक से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस न रख सके। कई बार देखने में आया है कि एक व्यक्ति अपने ही नाम से दो से अधिक लाइसेंस बना देता है। अब आधार कार्ड जरूरी होने के बाद इस पर पूरी तरह से रोक लग गई है। नियमाें के तहत लाइसेंस बनेंगे तो सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

अभी ऐसे बनता था लाइसेंस

परिवहन विभाग के अनुसार लाइसेंस अभी भी नियमों के तहत ही बनते हैं। आवेदक के दस्तावेजों के बाद टेस्ट होते हैं। कई बार फर्जी तरीके से भी लाइसेंस बनाए जाते हैं। दलाल पैसे लेकर दस्तावेज तैयार कर लेते हैं और बिना ट्राई कराए ही लाइसेंस बना लेते हैं। लाइसेंस को कैसे बनाया, इस बारे में कोई ठोस सबूत नहीं रहता है। ऐसे में अब ड्राइविंग लाइसेंस के दौरान वीडियोग्राफी भी की जाती है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

लाइसेंस बनाना अब आसान नहीं

लाइसेंस बनाते समय आवेदक का टेस्ट, हस्ताक्षर और उसके द्वारा जमा किए सभी दस्तावेजों की जांच होगी। रिकॉर्ड चेक किया जाएगा। इसके बाद वीडियो बनाई जाएगी। जो भी लाइसेंस बनाने के लिए जाएगा उसके पास अपना वाहन होना भी जरूरी है।इसी तरह केंद्र व राज्य सरकार ने फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों पर शिकंजा कसते हुए ऐसे नियम लागू कर दिए हैं। यानी सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंसों को तैयार किए जा रहे नेशनल पोर्टल से जोड़ना शुरू कर दिया है।

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

Live Sachcha Dost TV

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: