द इकोनॉमिस्ट से विशेष अनुबंध के तहत: बेटी की शादी के लिए गरीब और गांवों से आए लड़कों को पसंद कर रहे समृद्ध चीनी, उन्हें घर भी खरीदकर दे रहे


  • Hindi News
  • International
  • For The Daughter’s Wedding, The Poor And The Rich Chinese Are Liking The Boys Who Have Come From The Villages, They Are Also Buying The House And Giving It To Them

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

बीजिंग2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बुजुर्ग होती आबादी को देखभाल की चिंता, घर जमाई बनने वालों को प्राथमिकता।

चीन के हांगझोऊ में पेड़ों की छाया के बीच बने लिंग्यिन मंदिर में करीब 25-26 साल का युगल पहुंचा। उन्होंने गुआनिन की मूर्ति के पास अगरबत्तियां जलाकर प्रार्थना की। लड़की का नाम चेन जिआजिआ था, जब उससे पूछा गया कि उसने क्या मांगा, तो जिआजिआ ने जवाब दिया कि हम दोनों समय की कसौटी पर खरे उतरें बस इतना ही। उसका 25 साल का पुरुष मित्र चेन जेंगसेंग थोड़ा सा झेंप गया।

दोनों गुआंगडोंग हाईस्कूल में 7 साल पहले मिले थे। तब से ही साथ हैं। जिआजिआ का परिवार रिश्ते के लिए राजी हो चुका है। क्योंकि अब ज्यादातर समृद्ध चीनी परिवार खासकर जिनकी बेटियां हैं, वे अब गरीब और गांवों से पढ़ने आए लड़कों को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि चीन की बड़ी आबादी अब बुजुर्ग हो रही है। ऐसे में एकल संतान होने पर माता-पिता को देखभाल की चिंता सताने लगी है। तो वे चाहते हैं कि बेटा या बेटी उनके साथ ही रहें।

इसके अलावा चीन की लड़कियां चाहती हैं कि शादी से पहले लड़के के पास फ्लैट हो। पर गुआंगझोऊ जैसे शहर में जिंगसेंग जैसे आईटी वर्कर के लिए घर खरीदना बड़ी बात है। मेझोउ का मूल निवासी होने से वह गुंआगझोऊ में संपत्ति नहीं खरीद सकता। इसलिए जिआजिआ के परिवार ने भावी दंपती को फ्लैट खरीदकर दिया। विवाह कराने वाली एजेंसियों से जुड़े लोग कहते हैं कि लड़के की खुद की संपत्ति होगी तो वह घर जमाई क्यों बनना पसंद करेगा। इसलिए वे जरूरतमंद लड़कों पर ही नजर रखते हैं।
महिलाओं का वर्चस्व

हाल की जनगणना के मुताबिक चीन में 100 लड़कियों पर 111 लड़के जन्म ले रहे हैं। ऐसे में विकल्प लड़कियों के पास ज्यादा हैं। 2009 के बाद से कॉलेजों में लड़कों को उन्होंने पछाड़ दिया है। इसलिए शादी में दबदबा लड़कियों का ही ज्यादा है।

अब शादी के लिए लड़के पास संपत्ति होना जरूरी नहीं: मैचमेकर

ली जियान को अमीर घर की बेटियों के लिए गरीब दामाद ढूंढ़ने में महारथ है। उनके मुताबिक शहरों में ऐसा ट्रेंड दिखने लगा है। ली बताते हैं कि माता-पिता चाहते हैं कि लड़का ग्रेजुएट हो, ऊंचाई 5.5 से ज्यादा, सालाना कमाई 11 लाख रुपए हो। ली बताते हैं कि गांवों से यहां पढ़ने आए नौकरी न मिलने पर डिलेवरी, स्टोर में जॉब जैसे काम कर लेते हैं। उन्हें शहर में ही रहना है, इसलिए मनाने में दिक्क्त नहीं आती।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

%d bloggers like this: