ले सकेंगे परामर्श: एम्स में शुरू हुई टेली मेडिसिन सेवा, घर बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुभव का लाभ उठा सकेंगे मरीज

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बिलासपुर28 मिनट पहले

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बिलासपुर के कोठीपुरा स्थित एम्स में पत्रकारों से बातचीत करते निदेशक डाॅ. वीर सिंह नेगी। - Dainik Bhaskar

बिलासपुर के कोठीपुरा स्थित एम्स में पत्रकारों से बातचीत करते निदेशक डाॅ. वीर सिंह नेगी।

  • पीएम नरेंद्र मोदी के ‘जहां बीमार, वहीं उपचार’ के नारे पर किया अमल

कोविड-19 के इस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जहां बीमार, वहीं उपचार’ के नारे पर अमल करते हुए बिलासपुर के कोठीपुरा स्थित एम्स में टेली मेडिसिन सेवाएं शुरू हो गई हैं। इस सेवा के माध्यम से लोग घर बैठे ही एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुभव का लाभ उठा सकेंगे।

इससे बिलासपुर व आसपास के जिलों के साथ ही लाहौल स्पिति, चंबा व किन्नौर जैसे जनजातीय जिलों के दुर्गम इलाकों के लोग भी लाभांवित होंगे। न केवल आम लोग, बल्कि प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में कार्यरत डाॅक्टर भी इन विशेषज्ञों से परामर्श ले सकेंगे। वहीं, नाॅन कोविड पेशेंट्स को इलाज में आ रही परेशानी को देखते हुए एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सक बिलासपुर अस्पताल में भी कुछ समय के लिए सेवाएं देंगे। कोरोना के खिलाफ जंग में कारगर हथियार माने जा रहे वेक्सिनेशन के कार्य में तेजी लाने के लिए एम्स में सेंटर खोलने की भी तैयारी है।

शनिवार को सीएम जयराम ठाकुर द्वारा शिमला से बिलासपुर के एम्स में टेली मेडिसिन सेवा का शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में संस्थान के डायरेक्टर डाॅ. वीर सिंह नेगी ने कहा कि कोविड-19 की वजह से एम्स का कंस्ट्रक्शन वर्क पूरा करने के साथ ही ओपीडी सेवाएं शुरू करने में भी देरी हुई है। ओपीडी शुरू न होने तक लोगों को एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संस्थान की ओर से सरकार को ई-संजीवनी पोर्टल शुरू करने की प्रपोजल भेजी गई थी।

सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे के भीतर ही प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। टेली मेडिसिन सेवा शुरू होने से मरीज घर बैठे ही एम्स के 35 विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुभव का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए उन्हें ई-संजीवनी पोर्टल पर मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। ओटीपी आने पर मरीज की सारी डिटेल इस पर दी जा सकेगी। बीमारी के आधार पर संबंधित डाॅक्टर का चयन किया जाएगा। डाॅक्टर द्वारा सुझाई जाने वाली दवाइयों को लोग पर्ची दिखाकर किसी भी केमिस्ट शाॅप से हासिल कर सकेंगे। इससे बिलासपुर व अन्य जिलों, विशेष रूप से जनजातीय जिलों के दुर्गम इलाकों के लोग लाभांवित होंगे। प्रदेश के अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत डाॅक्टर भी जरूरत पड़ने पर इन विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श ले सकेंगे।

डाॅ. नेगी ने कहा कि एम्स में ओपीडी सेवाएं जल्द से जल्द शुरू करने का पुरजोर प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कोविड-19 की वजह से पिछले डेढ़ साल से आ रही अड़चनों के कारण इसमें अभी कुछ माह और लग सकते हैं। तब तक एम्स के डाॅक्टरों को जरूरत पड़ने पर बिलासपुर अस्पताल की ओपीडी में कुछ समय के लिए भेजा जाएगा। इससे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, हार्ट व किडनी जैसी बीमारियों से जूझ रहे नाॅन कोविड पेशेंट्स को काफी हद तक राहत मिलेगी। कोविड मरीजों के इलाज का भी प्रयास किया जाएगा। कोरोना से बचाव के लिए वेक्सिनेशन बेहद जरूरी है। लिहाजा एम्स में वेक्सिनेशन सेंटर खोलने के लिए भी प्रशासन से बात की जाएगी। इस मौके पर एम्स के डिप्टी डायरेक्टर कर्नल एसएस नाग्याल, डीन डाॅ. संजय, एमएस डाॅ. शर्मा व बिलासपुर के सीएमओ डाॅ. प्रकाश दरोच आदि भी मौजूद थे।

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