कोरोना से निकली एक और महामारी: हिमाचल प्रदेश में भी ब्लैक फंगस एक साल के लिए नोटिफाइड डिजीज घोषित, जारी की गई अधिसूचना

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शिमला4 मिनट पहले

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नियमों के तहत चिकित्सा संस्थान इस बीमारी की जानकारी शेयर नहीं कर सकेंगे। - Dainik Bhaskar

नियमों के तहत चिकित्सा संस्थान इस बीमारी की जानकारी शेयर नहीं कर सकेंगे।

केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद हिमाचल प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार ने ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस)को महामारी घोषित कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है, लेकिन केवल एक साल के लिए इसे नोटिफाई किया गया है।

केंद्र सरकार ने देशभर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करने के निर्देश जारी किए हैं। ICMR और राज्य सरकार इस महामारी को लेकर जो स्क्रीनिंग और उपचार संबंधित दिशा-निर्देश जारी करेंगे, उनका निजी और सरकारी अस्पताल प्रबंधन को पालन करना होगा। नियमों की अवहेलना करने पर धारा 188 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसमें चालान काटने का प्रावधान है।

जिलों में CMO की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें ENT और अन्य मेडिकल विभागों के डॉक्टर होंगे। यह कमेटी इस बीमारी संबंधी गतिविधियों पर नजर रखेगी। इसके अलावा सरकारी और निजी अस्पताल सहित अन्य किसी गांव व शहर में कोई इस बीमारी से संबंधित मरीज आता है तो इसकी सूचना जिला चिकित्सा अधिकारी (CMO) को देनी होगी। नियमों के तहत चिकित्सा संस्थान इस बीमारी की जानकारी शेयर नहीं कर सकेंगे।

शरीर में कैसे पहुंचता है

फंगस सांस के जरिये वातावरण में मौजूद फंगस हमारे शरीर में पहुंचते हैं। शरीर में कहीं घाव हो तो वहां से भी ये शरीर में फैल सकता है। इसकी शुरुआती दौर में पहचान नहीं की तो जानलेवा साबित भी हो सकती है। इससे आंखों की रोशनी जा सकती है। शरीर में अगर इन्फेक्शन हैं तो चेहरे का एक तरफ से सूजना, सिरदर्द, नाक बंद होना, उल्टी, बुखार, चेस्ट पेन, साइनस कंजेशन, मुंह के ऊपरी हिस्से या नाक में काले घाव होना इसके लक्षण हैं।

किन लोगों को होता है इंफेक्शन

जिन्हें मधुमेह, कैंसर या फिर जिनका ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुआ हो, उन्हें यह हो सकता है। इसके अलावा जिन लोगों को कोरोना हो रहा है, उनका भी इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। अगर किसी हाई डायबिटिक मरीज को कोरोना होता है तो उसका इम्यून सिस्टम और ज्यादा कमजोर हो जाता है। ऐसे लोगों में ब्लैक फंगस इन्फेक्शन फैलने की आशंका ज्यादा होती है।

लक्षण होने पर क्या करें

शरीर में अगर ब्लैक फंगस के लक्षण दिखें तो सबसे पहले सिर्फ डॉक्टर के पास जाकर इसकी जांच कराएं और डॉक्टरों की सलाह से दवा लें।

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