शौक उम्र की मोहताज नहीं: 70 साल की वांग लांग ने 50 की उम्र में रनिंग शुरू की, दो दशक में 100 से ज्यादा मैराथन में ले चुकी हैं हिस्सा

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बीजिंग37 मिनट पहले

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70 साल की वांग पिछले दो दशक में 100 से ज्यादा मैराथन में हिस्सा ले चुकी हैं। - Dainik Bhaskar

70 साल की वांग पिछले दो दशक में 100 से ज्यादा मैराथन में हिस्सा ले चुकी हैं।

  • फिटनेस के लिए शुरू थी रनिंग

रिटायरमेंट के बाद जहां ज्यादातर लोग आराम से जिंदगी बिताने की ख्वाहिश रखते हैं, वहीं चीन की वांग लांग ने इस दौरान एक नया शौक पूरा करने की ठानी और ऐसी ठानी कि अब एक मशहूर मैराथन रनर बन गई हैं। 70 साल की वांग पिछले दो दशक में 100 से ज्यादा मैराथन में हिस्सा ले चुकी हैं।

उन्हाेंने 50 साल की उम्र में रनिंग इसलिए शुरू की थी ताकि फिट रह सकें लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि यह सिर्फ फिटनेस का एक जरिया नहीं बल्कि उनका पैशन है। 2004 में पहली बार मैराथन में हिस्सा लिया और तब से पीछे मुड़कर नहीं देखा। 100 से ज्यादा मैराथन में दौड़ चुकी वांग 2005 से 2017 के बीच बीजिंग मैराथन में 13 बार हिस्सा ले चुकी हैं। इसी साल वह 40 घंटाें में 168 किमी लंबी लियाओनिंग मैराथन पूरी करने वाली सबसे उम्रदराज महिला बनीं।

‘जब तक शरीर साथ देगा, मैं मैराथन में जाउंगी’

उनके साथ इस मैराथन में हिस्सा लेने वाली एक लड़की ने भी उनका जज्बा देखकर पूछ डाला, ये तो मेरी दादी की उम्र की हैं, आखिर इतना तेज कैसे दौड़ सकती हैं? इस उम्र में भी वांग के फिट रहने का राज एक्ससाइज करना है। वह हफ्ते में छह दिन 20 किमी तक दौड़ लगाती हैं और रविवार को आराम करने की बजाय 20 से कुछ ज्यादा किमी। वैसे तो उन्हें लियाओनिंग के पहाड़ी रास्ताें पर भागना पसंद है लेकिन सर्दियों में मैदानी इलाकों में रेस लगाती हैं।

वांग औसतन साल में सात महीने पहाड़ी और पांच महीने मैदानी इलाकाें में दौड़ती हैं। वांग के मुताबिक, मैराथन के अलावा उन्हें पर्वतारोहण का भी शौक है और उन्हाेंने ताइशान इंटरनेशनल माउंटेनियरिंग फेस्टिवल में भी हिस्सा लिया था। उन्हाेंने कहा, ऊपरवाले का शुक्र है कि इतने साल में मुझे एड़ी या घुटने पर कोई गंभीर चोट नहीं लगी। बचपन से ही मुश्किल हालाताें में काम किया, जिससे शरीर मजबूत बन गया है। हालांकि, अब मुश्किल आती है तो सिर्फ नजर संबंधी। इसलिए हैडलैंप लगाकर मैराथन में जाती हूं लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि मैं मैराथन में हिस्सा लेना छोड़ दूंगी। जब तक शरीर साथ देगा, मैं मैराथन में दौड़ती रहूंगी।

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