कोरोना का असर: केएनएच में डिजिटल एक्सरे, आईजीएमसी में पाेर्टेबल एक्सरे मशीन उद्घाटन के इंतजार में

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शिमलाएक घंटा पहले

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  • दाे माह पहले किया जाना था उद्घाटन, शुरू नहीं हो पाई मशीनें

सरकार और प्रशासन का पूरा फाेकस अब केवल काेराेना पर है। यही कारण है कि अब सामान्य मरीजाें काे दी जाने वाले सुविधाओं के बारे में काेई विचार नहीं किया जा रहा है। अस्पतालाें में नई मशीनें और अन्य सामान पड़ा है मगर उसे शुरू तक नहीं किया जा सकता है। ऐसा ही हाल प्रदेश के सबसे बड़े महिला अस्पताल केएनएच और आईजीएमसी का है।

केएनएच अस्पताल में बीते दाे माह से एक्सरे प्लांट तैयार पड़ा है। आईजीएमसी में भी पाेर्टेबल एक्सरे मशीनें पहुंच गई है, मगर यह दाेनाें अब केएनएच उद्घाटन के इंतजार में है। प्रशासन ने इसे शुरू करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री काे बुलाना था। इसके लिए पूरी तैयारी भी फरवरी माह में कर ली गई थी, मगर मार्च माह में अचानक काेराेना के मरीज बढ़ने के बाद यह मामला पेंडिंग चला गया, अब यहां पर एक्सरे प्लांट ही शुरू नहीं हाे पाया है। जिससे केएनएच में अाने वाली गर्भवती महिलाओं काे काफी दिक्कतें आ रही है।

यहां आ रही परेशानी

केएनएच में एक्सरे मशीन काफी पुरानी है। मशीन में काफी धुंधले एक्सरे आते हैं। हालांकि अब डाॅक्टर यहां पर एक्सरे करवाने से मना करते हैं। जबकि आसपास जाे भी एक्सरे करने वाली लैब है वहां पर कई गुना महंगे दामाें पर एक्सरे करवाए जाते हैं। केएनएच में गर्भवती महिलाओं काे निशुल्क एक्सरे हाेता है, बाहर उन्हें 200 से 300 रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं। यदि डिजिटल एक्सरे प्लांट शुरू हाे जाता है ताे गर्भवती महिलाओं काे काफी राहत मिलेगी।

आईजीएमसी में इमरजेंसी के लिए ली है मशीनें

आईजीएमसी में भी दाे पाेर्टेबल एक्सरे मशीनें लाई गई हैं। यह मशीनें भी फरवरी माह में पहुंच गई थी, मगर इन्हें इसलिए शुरू नहीं किया गया क्याेंकि यहां पर उद्घाटन नहीं हाे पाया। इमरजेंसी के दाैरान इन मशीनाें से मरीज का एक्सरे बेड पर ही हाे जाया करेगा। अभी मरीजाें काे एक्सरे प्लांट तक स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ता है, जिससे कई बार मरीजाें काे काफी तकलीफ हाेती है। हालांकि पहले भी यहां पर पाेर्टेबल एक्सरे मशीन हैं, मगर वह डिजिटल नहीं है और उसमें साफ एक्सरे नहीं आ पाते।

अल्ट्रासाउंड का भी यही हाल

​​​​​​ जहां केएनएच और आईजीएमसी में डिजिटल एक्सरे मशीनें उद्घाटन का इंतजार कर रही हैं, वहीं दाेनाें अस्पतालाें में अल्ट्रासाउंड मशीनें भी शुरू नहीं हाे पाई हैं। केएनएच में ताे अल्ट्रासाउंड की काफी जरूरत है, अभी यहां पर पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन है, जिसमें काफी भीड़ हाेने पर सभी महिलाओं के अल्ट्रासाउंड नहीं हाे पाते।

लिहाजा कई महिलाओं काे या ताे आईजीएमसी अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचना पड़ता है या फिर निजी लैब में 600 रुपए में अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है, जबकि केएनएच या आईजीएमसी में गर्भवती महिलाओं के लिए फ्री अल्ट्रासाउंड की सुविधा है।

राेजाना हाेते हैं 40 से 50 एक्सरे

केएनएच अस्पताल में ज्यादातर महिलाओं काे एक्सरे के लिए लिखा जाता है, इसके अलावा आईजीएमसी में भी एक्सरे के लिए काफी भीड़ रहती है। केएनएच में राेजाना 40 से 50 महिलाओं काे एक्सरे के लिए लिखा जाता है। मगर यहां पर पुरानी मशीन हाेने के कारण महिलाओं काे निजी अस्पतालाें में ही एक्सरे के लिए जाना पड़ता है।

हालांकि आईजीएमसी के पास अपना एक्सरे प्लांट है, मगर इमरजेंसी में मरीजाें काे वहां पर ले जाना मुश्किल रहता है। ऐसे में अगर यहां पर एक्सरे प्लांट शुरू हाे जाए ताे महिलाओ के साथ-साथ इमरजेंसी में आने वाले मरीजाें काे काफी राहत मिलेगी।

केएनएच अस्पताल में एक्सरे प्लांट और आईजीएमसी में पाेर्टेबल एक्सरे मशीनें तैयार हैं। इसे दाे माह पहले शुरू करने का प्लान था, इसके लिए मंत्री काे बुलाया जाना था, मगर अचानक काेराेना बढ़ने के कारण यह मामला पेंडिंग रह गया है। अब जैसे ही काेराेना थाेड़ा कम हाेगा यह मशीनें शुरू कर दी जाएंगी, ताकि मरीजाें काे राहत मिल सके।

प्राे. रजनीश पठानिया, प्रिंसिपल आईजीएमसी शिमला

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