Bhojpuri: पप्पू जादव के 300 बिगहा खेत, कार-स्कूटर से जात रहन स्कूल

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कुछ लोग पप्पू जादल के हीरो बनावे पs तूलल बाड़े. आज खाली पप्पू जादव के निक काम के बखान हो रहल बा. उनकर रंगदारी वला बात लोग कइसे भूला जइहें ? पप्पू जादव के राजनीत में भी अगर अंजोरिया बा तs अन्हरियो बा. ऊ जमींदार घराना के लाइका होके आज गरीब के राजनीत कर रहल बाड़े.

रवि रंजन अउर असितनाथ में पप्पू जादव के नेतागिरी पs बहस चलत रहे. रवि रंजन कहले, पूर्व सांसद पप्पू यादव के जेल से रिहाई खातिर सुपरिम कोट में अरजी देवे के तइयारी चल रहल बा. रिहाई के मांग खातिर आंदोलन भी हो रहल बा. लौकडाउन के बादो हलचल मचल बा. असितनाथ कहले, कुछ लोग पप्पू जादल के हीरो बनावे पs तूलल बाड़े. आज खाली पप्पू जादव के निक काम के बखान हो रहल बा. उनकर रंगदारी वला बात लोग कइसे भूला जइहें ? रवि रंजन अउर असितनाथ के भिरिये बीरू भइया कुट्टी काटत रहन. ऊ दूनो जना के बात सुन के कहले. देखs अगर रात होखे ला तs दिन भी होखे ला. पप्पू जादव के राजनीत में भी अगर अंजोरिया बा तs अन्हरियो बा. ऊ जमींदार घराना के लाइका होके आज गरीब के राजनीत कर रहल बाड़े. उनका पs आरोप लगावल जाला कि ऊ रंगदारी से पइसा कमा के गरीब संगे मदद-मदद खेले ले. 300 बिगहा खेत, कार-स्कूटर से असकूल बीरू भइया के बात सुन के असीतनाथ कहले, पप्पू जादव जमींदार घराना के हवें ? जबाब में बीरू भइया कहले, दू साल पहिले हम टीभी पs पप्पू जादव के इंटरभियू सुनले रहीं. ओकरा में पप्पू जादव बतवले रहन कि उनकर दादा लक्ष्मी प्रसाद मंडल दरभंगा महाराज के अदालत में जूरी रहन. उनका दादा के हिस्सा में 300 बिगहा खेत मिलल रहे. धनीमनी परिवार होखे के चलते उनका शुरुए से खूब सुख-सुविधा मिलल रहे. उनकर बाबू जी आनंदमार्गी रहन एह से पहिले आनंदमार्ग स्कूल में पढ़ले. एकरा बाद उनका के पढ़े खातिर कलकत्ता भेजल गइल. लेकिन उनका घर के लोग मोहमाया में पड़ के कलकत्ता से पूर्णिया बोला लेले. पूर्णिया के जिला असकूल में उनकर नांव लिखाइल. पप्पू जादव हाई असकूल में रहन लेकिन पढ़े जात रहन बिजया सुपर असकूटर से. कबो-कबो फियेट कार से भी असकूल चल जास. कतना जरुरतमंद अदिमी के रोपये पइसा से भी मदद करस. पप्पू जादव ई कहानी तब सुनाइले जब उनका पs रंगदारी टैक्स लेवे के आरोप लगावल गइल. खेत बेच के चुनाव लड़ले ?बीरू भइया के बात जारी रहे. का पप्पू जादव के डर से डॉक्टर अउर ठेकेदार पूर्णिया, मधेपुरा छोड़ देले रहन ? ई सवाल पs पप्पू जादव कहले रहन, का हम कवनो गइल बीतल घर के रहीं कि रंगदारी आ बदमाशी से पइसा कमाइब ? एक तs लूटनी ना लेकिन अगर लूटबो कइनी तs बाकी लोग से बहुत कम. पप्पू जादव कहले रहन, केतना पाटी के नेता हमरा से पइसा लेले. केतना नेता के हम रिन से उरिन कइनी. लेकिन आज उहे लोग हमरा के रंगदार अउर लुटेरा कह रहल बा. हालांकि ऊ ई बात के खुलास ना कइले कि कवन-कवन नेता उनका से पइसा लेले रहन. पप्पू जादव के कहनाम रहे कि ऊ 2019 के लोकसभा चुनाव खेत बेच के लड़ल रहन. ऊ बतवले रहन कि उनका माई के नांवे पूर्णिया में कीमती जमीन रहे. ई जमीन बेंचला से उनका दू करोड़ रोपेया मिलल रहे जवना से कि ऊ मधेपुरा से चुनाल लड़ले. पप्पू जादव के दावा रहे कि ऊ अपना पुस्तैनी पइसा से राजनीत कर रहल बाड़े लेकिन विरोधी लोग उनका पs तरह तरह के आरोप लगा रहल बा. 20 लाख के रंगदागी मांगे के आरोप बीरू भइया के बात सुन के असितनाथ तमतमा के कहले, आच्छा बतावs कि उनका पs दू साल पहिले काहे 20 लाख रोपेया रंगदारी मांगे के आरोप लागल रहे ? बिल्डर परभात चउधरी 2019 में आरोप लगवले रहन कि पप्पू जादव उनका से राजनीतिक कार्जक्रम खातिर 20 लाख रोपेये के मांग कइले रहन. पप्पू जादव उनका के फोन कर के अपना घरे बोला के कहले रहन, 24 नवम्बर के पटना में राजभवन मार्च निकाले के बा. एह काम में बहुत खर्चा होई. ऐह से उनका 20 लाख रोपेये देवे के पड़ी. परभात चउधरी के मोताबि, पइसा ना मिलल तs पप्पू जादव धमकी देवे लगले. तब परभात, पप्पू जादव के खिलाफ थाना में एफआइआर लिखा देले. जब पप्पू जादव से ऐह संबंध में सवाल पूछल गइल तs ऊ कह देले, जेतना परभात कमाइल होइहें ओतना हम डेली लोग में बांट दिहिना. मतलब ई कि एक देने पप्पू जाद लोग के मदद करे ले तs दोसरा देने ऊ धमकी अउर धौंस भी जमावे ले. अइसन मदद कइला से का फैदा ?
का पब्लिक सेंटिमेंट पप्पू जादव के साथ बा ? असितनाथ के बात रवि रंजन बीच्चे में काट के कहले, पप्पू जादव के पुरान कहानी काहे सुना रहल बाड़s, अबही के बात करs ! का ऊ पब्लिक के मुद्दा नइखन उठवले ? कोरोना महामारी में उनका जइसन एक्टिभ नेता के भला गिरफ्तार करे के चाहीं ? आज सभ केहू कानून के दोहाई दे रहल बा. लेकिन बिधानसभा चुनाव के समय पप्पू जादव के काहे ना गिरफ्तार कइल गइल रहे? बारंट तs 2020 से निकल रहे, पुलिस कवना लोक में सूतल रहे ? अब तs ई बात के चर्चा चल रहल बा कि चुनाव के समय पुलिस जानबूझ के पप्पू जादव के गिरफ्तार ना कइले रहे. अगर ओह घरी गिरफ्तारी होइत तs पप्पू जादव के सहानुभूति भोट मिल सकत रहे. का पप्पू जादव के साथ आच्छा सलूक भइल ? रविरंजन के बात पs बीरू भइया कहले, देखs पप्पू जादव सर्बसमाज के बात जरूर करे ले लेकिन उनक राजनीति में भेदभाव के भी झलक बा. 6 सितम्बर 2018 में सबर्न समुदाय भारत बंद के आयोजन कइले रहे. ओहदिन पप्पू जादव के मधुबनी में पोरगरमा रहे. ऊ मधुबनी से मुजफ्फरपुर आवत रहन. तब पप्पू जादव सबर्न समुदाय पर हमला करे के आरोप लगवले रहन. एह मामला में इहो आरोप लागल रहे कि पप्पू जादव मजफ्फरपुर के महिला एसएसपी हरप्रीत कौर से मरजादा के खिलाफ बात कइले रहन. बीरू भइया के बात पs असितनाथ तs हुंकारी भर देले लेकिन रविरंजन माने खातिर तइयार ना भइले. रवि रंजन कहले, केहू कुछुओ कहो, हमरा नजर में तs पब्लिक सेंटिमेंट अबही पप्पू जादव के साथ बा. बहस बीच्चे में खतम हो गइल. (लेखक अशोक कुमार शर्मा वरिष्ठ स्तंभकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)







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