बिहार में Black Fungus के 9 केस मिले, बढ़ी परेशानी, जानिए क्यों है खतरनाक और क्या है बचाव

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बिहार में ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ता जा रहा है, अब तक इसके नौ मरीज मिले हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

बिहार में ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ता जा रहा है, अब तक इसके नौ मरीज मिले हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

बिहार में ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ता जा रहा है. यहां पर एक के बाद एक 9 मरीज मिले हैं. ब्लैक फंगस के मामले सामने आने के बाद लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं. कोरोना से ठीक होने के बाद दुष्प्रभाव के रूप में सामने आने वाले इस बीमारी का पहले ही दिन 3 मरीज पटना में मिले हैं.

  • Last Updated:
    May 14, 2021, 8:53 PM IST

पटना. बिहार में एक के बाद एक लगातार ब्लैक फंगस (Black Fungus) के मामले सामने आने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं. बिहार में पिछले तीन दिनों में ब्लैक फंगस के 9 मामले सामने आ गए हैं. कोरोना के ठीक होने के बाद दुष्प्रभाव के रूप में इस बीमारी के पटना में 3 मरीज मिले हैं. ब्लैक फंगस के 2 मरीज पटना एम्स में जबकि 1 मरीज IGIMS में मिला है. अब लगातार मामले सामने आते जा रहे हैं. हालांकि पिछले दिनों पटना के पारस अस्पताल में भर्ती हुए ब्लैक फंगस के मरीज को ऑपरेशन से ही ठीक कर दिया गया जबकि दूसरे मरीज को दवा के जरिये ठीक किया गया. कैसे होता है ब्लैक फंगस  ब्लैक फंगस (Black Fungus) को म्यूकॉरमाइकोसिस के नाम से जाता है. पटना पीएमसीएच के पूर्व अधीक्षक डॉक्टर राजीव रंजन बताते है कि यह बीमारी खासकर उन लोगों में ज्यादा देखा जाती है, जिन्हें हाल के दिनों में कोई गंभीर बीमारी हो या फिर रोगाणुओं से लड़ने की क्षमता कम हो गई हो. पिछले कुछ महीनों से कोरोना से पीड़ित होने के बाद यह बीमारी लोगों में ज्यादा देखी जा रही है. कोरोना के कारण फेफड़े के इंफेक्शन ज्यादा हो जाने के कारण इसका असर ज्यादा होता है. वैसे लोग जिनका डायबिटीज नियंत्रण में ना हो या फिर ज्यादा स्टेरॉयड देने के कारण भी इस बीमारी से ग्रसित हो सकते है. इम्युनिटी कमजोर होने के साथ ही इस बीमारी के होने का खतरा बढ़ जाता है. ब्लैक फंगस के क्या है लक्षणब्लैक फंगस बीमारी होने के साथ ही व्यक्ति को कई तरह के लक्षण दिखाई पड़ने लगते हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि आंखों के नीचे लाल निशान पड़ना, आंखों की रोशनी कमजोर हो जाना या नाक के नीचे दर्द होना जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं. इस बीमारी में सबसे पहले आंखों की रोशनी पर गहरा असर पड़ता है. इस बीमारी में बुखार, खांसी, सर दर्द जैसे लक्षण भी दिखाई पड़ते हैं. ब्लैक फंगस में कैसे करें बचाव डॉक्टर राजीव रंजन बताते है कि जिसे भी कोरोना की बीमारी हो चुकी है, वो पॉजिटिव होने के बाद ठीक हो चुके है, उन्हें भी लगातार इस बीमारी को लेकर सतर्क रहना चाहिए. अपने शरीर को लगातार मॉनिटरिंग करते रहना चाहिए. कोरोना के बाद लगातार अपने शुगर लेबल को चेक करते रहना चाहिए और ज्यादा होने पर इसे अच्छी तरह कंट्रोल करने चाहिए. कोरोना के बीमारी के दौरान स्टेरॉयड का इस्तेमाल डॉक्टरी सलाह पर सतर्कता के साथ करें. अत्यधिक और स्टेरॉयड का बेजा इस्तेमाल ब्लैक फंगस को दावत दी सकती है. डॉ राजीव रंजन बताते है कि इस बीमारी में जल्द ही इलाज शुरू कर देना चाहिए. जल्द इलाज शुरू कर देने से बीमारी जल्द ठीक किया जा सकता है.







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