Bhojpuri: जैविक हमला कोरोना से मनुष्य जीती, जरूर जीती

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ताजा समाचार बतावतारन स कि ए घरी पूरी दुनिया में कोरोना से 16 करोड़ लोग संक्रमित बा. एने अमेरिका के खुफिया एजेंसी एगो खुलासा कइले बिया कि कोरोना चीन के जैविक हथियार ह. अमेरिका के लगे एकरा से संबंधित दस्तावेज बाड़न स. ई दस्तावेज साबित करतारे सन कि चीन कोरोना नामक जैविक हथियार के प्लानिंग बहुत पहिले से करत रहल ह. चीनी सेना पीएलए (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) के वैज्ञानिक आ सामरिक विशेषज्ञ एकर पुष्टि कइले बा लोग. ई पुष्टि वाला दस्तावेजो अमेरिका का हाथे लागि गइल बा. अच्छा जैविक हमला में ना कौनो सेना के तैनात करेके रहेला आ ना कहीं बमबारी करेके रहेला. बस कौनो खतरनाक वाइरस कौनो देश में छोड़ दीं, ओइजा के लोग ओह बेमारी से तड़पे लगिहें, मरे लगिहें. इहे वाइरस के कतहीं छोड़ि दिहला के जैविक हमला कहल जाला. जेकर रोग से लड़े के क्षमता (रोग प्रतिरोधक क्षमता) बरियार बा, ऊ दवाई- बीरो खा के स्वस्थ हो जाई. त अमेरिकी विशेषज्ञ कहतारे सन कि तीसरका विश्व युद्ध पारंपरिक हथियार से ना लड़ल जाई, बल्कि जैविक हथियार से लड़ल जाई. वाइरस से लड़ल जाई. त चीन पर आरोप बा कि ऊ कोरोना फइला के पूरा दुनिया के कमजोर आ खुद के ताकतवर होखल चाहता. काहें से कि कोरोना शुरू भइला के नौ महीना के भीतरे चीन अपना देश में एह बेमारी के कंट्रोल क दिहलस. अब ओइजा कोरोना वाला कौनो खतरा नइखे. एने हमनी का देश में आ दुनिया के कई गो देशन में कोरोना के दोसरकी लहर हाहाकार मचवले बिया. चीन चाहता कि ओकर दुश्मन देशन के मेडिकल व्यवस्था बरबाद हो जाउ. तहस- नहस हो जाउ. अमेरिका जौना रिपोर्ट के खुलासा कइले बा, ओकरा में चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से जुड़ल वैज्ञानिक आ हथियार विशेषज्ञ शामिल बाड़े सन. रिपोर्ट कहतिया कि एकरा बारे में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आ उनकरा काफी करीबी लोगन के सन 2015 से ही हर चीज मालूम रहल ह. रिपोर्ट इहो कहतिया कि चीन कोरोना वाइरस के सैनिक के विकल्प के रूप में देखता. माने कौनो देश संगे सैनिक ना लड़िहें सन, वाइरसवे लड़ी. आ हमनी का देश में घुसि के ई वाइरस हमनी का देशवासिन संगे लड़ते बा. बाकिर एकरा संगे एगो आशंका खड़ा हो गइल बा. कहीं एह टेक्नालाजी के आतंकवादी मत हैक क ल सन. आतंकवादी जौना देश के दुश्मन मानतारे सन ओपर जैविक हमला क सकेलन स. आतंकवादियन में संवेदना आ मोह- माया के अभाव रहेला. बाकिर हर रोग आ समस्या के एगो काट होला. एही काट पर भारत समेत कई गो देश गंभीरता से काम कर रहल बाड़े सन. भगवान करसु कि एकरा में जल्दिए सफलता मिलो. अब आईं देखल जाउ कि विधानसभा चुनाव का बाद बंगाल में कोरोना के का स्थिति बा. त रउवां त जानते बानी कि चुनाव में डबल लेयर वाला मास्क, हरदम संगे सेनिटाइजर राखल, थोरे- थोरे देर पर हाथ धोअल आ केहू से दू फीट के दूरी पर रहि के बतियावल, दोसरा के चीज ना छुअल जइसन सावधानी खतम हो जाला. विधानसभा चुनाव के घरी खूब सभा आ मीटिंग भइल ह. चुनाव परिणाम घोषित होखत- होखत कोरोना एतना फइल गइल कि हाहाकार मचि गइल. नतीजा ई भइल कि बंगाल के मुख्यमंत्री सबसे पहिले कुछ दिन खातिर लोकल ट्रेन बंद क देले बाड़ी. ट्रेन में ठसाठसी भीड़ होला. खासतौर पर आफिस टाइम पर. रउवां जानते बानी कि संक्रमण एही ठसाठसी में होला. एकरा अलावा आंशिक लाकडाउन के घोषणा भइल बा. आंशिक लाक़डाउन का ह?बाजार सबेरे सात बजे से दस बजे तक खुली. ओकरा बंद. फेर सांझ खान तीन बजे से पांच बजे ले खुली. फेर बंद हो जाई आ अब अगिले दिने सबेरे सात बजे खुली. दवाई के दोकान, ऑनलाइन सर्विस सप्लाई पर कौनो पाबंदी नइखे. ई कुल 24 घंटा आपन दोकान खोल सकेलन स. आ लोगन के का हाल बा? लोगन माने आम जनता. सब डेराइल बा, आशंकित बा कि कहीं हमरो कोरोना मत हो जा. अब कोरोना केहू से कहि के त धरी ना. जब विशेषज्ञ लोग कहि देले बा कि ई रोग हवा के जरिए फइलता त फेर हमनी के हाथ में सावधानिए रहि गइल बा. बांचि गइनी त ठीक बा ना त दवाई- बीरो खाईं, अस्पताल में भर्ती होखीं. भगवान के कृपा बरसी आ रउवां ठीक हो जाइब. एइजा एगो घटना के जिकर कइल जरूरी बा. एगो नास्तिक आदमी के कोरोना हो गइल रहल ह. हालत गंभीर होखे लागल त अस्पताल में भर्ती के कोशिस कइले. कौनो अस्पताल में जगह ना मिलल. उनुका मन में डर समा गइल. आखिर अपना मेहरारू से चिरउरी के अंदाज में कहले- तूं अपना भगवान जी से वर मांग कि हम ठीक हो जाई. त देखीं जब जान पर खतरा आ जाला त नास्तिको आदमी भगवान- भगवान के जाप करे लागेला. संत लोग कहले बा कि एगो टाइम आवेला कि दवाइयो कामे ना आवेला, तब भगवान के पुकारे के चाहीं. आ एक बार भगवान के हृदय से पुकारब, त ऊ दउरल आ के राउर मदद करिहें. दउरल माने? भगवान त सब जगह बाड़न त उनुका दउरे के बा. त ई कुल बात संत- महात्मा लोग अपना बाति के रोचक बनावे खातिर कहेला. अपने बाति के कंट्राडिक्ट क देला लोग, अपने बाति के विरोध में बोलि के लोगन के ध्यान खींचि ली लोग. खैर माफ करब बिषयांतर हो गइल ह. त बंगाल में ढेर लोग बाहरी बा. कतने लोग ट्रांसफर के कारन कोलकाता आइल बा. अइसन आदमी कोरोना से मरि जाई त ओकरा के पुछारि करे के आई. केहू ना. ओकर मेहरारू अवाक होके चारो ओर टूअर नियर ताकेले. अइसना में कुछ लोग आपदा के अवसर बना देला. ठीक ओही तरे जइसे कालाबाजारी 60 हजार के आक्सीजन कंसंट्रेटर एक लाख बीस हजार में बेचतारे सन. कई गो कालाबाजारी गिरफ्तारो भइल बाड़े सन. बाकिर जानते बानी चोर चोरी से जाला, हेराफेरी से ना जाला. एह कालाबाजारियन के एगो कटगरी होला. ओकनी के लागेला कि एह संसार में सब मरि जाई बाकिर ओकनी के अमर बाड़े सन. अगर अइसन ना रहित त ओकनी के ई नीच आ घृणित काम करबे ना करिते सन. दवाई आ इंजेक्शन ब्लैक मार्केट में बेचाता. सचहूं कालाबाजार में काला दिल वाला लोग बाड़े. एने मनुष्य पर विपत आइल बा, ओने एकनी के लाभ के हिसाब लगावतारे सन. बेहाल, परेशान लोगन के खून चूसि के ऊ कौना स्वर्ग के कल्पना करतारे सन भगवाने जानसु. आ जेकर हित- नात कलकत्ते में बा, ऊहो कोरोना से मृत्यु सुनि के लगे नइखे आवत. त ओकरो के श्मशान ले जाए खातिर लोग तेयार बाड़े बाकिर हर आदमी के दू हजार रुपया देबे के परी. अगर रउवा अपना परिजन के अंतिम बार मुंह देखेके चाहतानी त रउवां पाकिट से एक हजार रुपया निकाले के परी. तबे कर्मचारी चेन खोलि के मुंह देखावता. अइसन कुल रुपया लेके ई राक्षस रूपी मनुष्य कौना सुख के कल्पना करता, भगवान जानसु.
बाकिर चिंता करेके जरूरत नइखे. अबहियों भगवान रूपी मनुष्य बाड़े. मदद करे खातिर तेयार बाड़े. अइसने लोगन के कारन ई संसार चलि रहल बा. ई पृथ्वी टिकल बिया. अइसने लोग शेष नाग कहाला लोग जे अपना मुड़ी पर पृथ्वी रखले बा. दवाई पहुंचवला से लेके फ्री में खाना- पीना पहुंचावे वाला आजुओ बाड़े. हालांकि एह प्रकार के प्राणी कम संख्या में बाड़े बाकी बाड़े आ सक्रिय बाड़े. त हमरा से एगो कोरोना से उबरल आदमी कहले- जेकरा कोरोना नइखे भइल ऊ सावधानी बरतो आ जेकरा हो गइल बा ऊ आत्मविश्वास के संगे कोरोना से लड़ाई शुरू क देउ. रउवां बिश्वास करीं- एह लड़ाई में कोरोना हारी आ जरूर हारी. कोरोने ना ओकर बापो हारी. मनुष्य के जीत होई. बस भगवान पर आपन बिश्वास मजबूत राखीं. (लेखक विनय बिहारी सिंह वरिष्ठ स्तंभकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)



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