भगवान महावीर के संदेश जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता- श्रमण मुनि अमित सागर जी

भगवान महावीर के संदेश जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता- श्रमण मुनि अमित सागर जी The need to convey message of Lord Mahavira to the masses – Shramana Muni Amit Sagar ji
भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक की पूर्व संध्या पर जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय वेबिनार संपन्न

जयपुर – परम पूज्य प्रज्ञा श्रमण मुनि श्री अमित सागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं उनके सानिध्य मेें भगवान महावीर 2620 में जन्म कल्याणक महोत्सव के पावन अवसर पर राष्ट्रीय वेबीनार भगवान महावीर के सिद्धांतों की प्रासंगिकता विषय पर 24 अप्रैल 2021 सायं 7:30 बजे से आयोजित की गई यह वेबीनार जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया की अध्यक्षता में एवं प्राकृत भाषा के मूर्धन्य प्रोफ़ेसर जिनेंद्र जैन उदयपुर के मुख्य आतिथ्य में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर नेअवगत कराया कि उक्त वेबीनार में चित्र अनावरण चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर पहाड़ा, उदयपुर के प्रकाश जैन अदवासिया एवं दीप प्रज्वलन अशोक अदवासिया, कमलेश जैन कंबोडिया, मोहित जैन मोही संघस्थ ने किया। कार्यक्रम में मंगलाचरण जैन पत्रकार महासंघ की राष्ट्रीय मंत्री डॉ प्रगति जैन इंदौर ने किया ।सभी अतिथि वक्ता गण पत्रकार विद्वान पदाधिकारी श्रेष्ठिगण जो देश के प्रत्येक प्रांत से जूमएप पर उपस्थित थे । जैन पत्रकार महासंघ की ओर से राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने स्वागत किया।

परम पूज्य प्रज्ञा श्रमण मुनि श्री अमित सागर जी महाराज ने जैन पत्रकार महासंघ द्वारा भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के पावन अवसर की पूर्व संध्या को जो वेबीनार की है बहुत ही सराहनीय है उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के संदेश जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है उन्होंने खानपान खानदान और धर्म की शुद्धि पर प्रकाश डाला ।

युवा विद्वान एवं प्रासंगिक लेखक डॉं.सुनील जैन संचय ललितपुर ने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांतों की प्रासंगिकता कोरोना काल में बहुत अधिक बढ़ गई है, विश्व शांति के लिए भगवान महावीर के सिद्धांतों को स्वीकार करना होगा ।

    जैन समाज के प्रखर वक्ता और जैन मनीषी राजेंद्र महावीर सनावद ने कहा कि पुरखों की वसीयत संभालो अन्यथा यह दीवार बरसात में ढह जाएगी । भगवान महावीर के सिद्धांतों के साथ अत्याचार नहीं होना चाहिए ।

 अंतर्राष्ट्रीय जैन विद्वान डॉ अनुपम जैन इंदौर ने भगवान महावीर के सिद्धांत केवल जैनों के लिए  नहीं हैं ,उन्होंने कहा कि पर्यावरण,जल प्रदूषण, भूमि प्रदूषण ,वायु प्रदूषण, के प्रति सजग होने की आवश्यकता है। 

   शिक्षाविद डॉ.निर्मल जैन दिल्ली ने कहा कि शाकाहार गंभीर बीमारियों को मुक्त करता है ।

जैन दर्शन के मनीषी राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त डॉ आनंद जैन वाराणसी ने भगवान महावीर सिद्धांत की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला ।

  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राकृतिक भाषा के मूर्धन्य विद्वान प्रो.जिनेंद्र जैन उदयपुर ने कहा कि महावीर एक संत,पंथ ,ग्रंथ,अनेक हैं । उनकी शिक्षाएं समस्त मानव जाति के लिए हैं प्राणी जगत के लिए हैं उन्होंने कहा कि महावीर के अपरिग्रह  सिद्धांत समाज को विकसित आर्थिक सफलता के लिए हैं, महावीर के सत्य ,अहिंसा ,अचौर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह के सिद्धांत की आवश्यकता है। अहिंसा के सिद्धांत से विश्व शांति संभव है ।

 राष्ट्रीय अध्यक्ष जैन पत्रकार महासंघ रमेश जैन तिजारिया ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि जैन पत्रकार महासंघ ने अल्प समय में सभी युवा विद्वानों के सहयोग से ,युवा पत्रकारों के सहयोग से, ऊंचाइयां प्राप्त की हैं । कोरोना काल में 1 वर्ष के दरमियान अनेकों वेबीनार राष्ट्रीय स्तर पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई जैैन पत्रकारों की पहचान व सम्मान हो इसके लिए जैन पत्रकार महासंघ प्रयत्नशील है। शीघ्र ही जैन पत्रकार महासंघ की मासिक पत्रिका प्रकाशित की जाएगी ।उन्होंने जैन पत्रकार महासंघ से जुड़ने का आह्वान किया।

 इस अवसर पर महासंघ के राष्ट्रीय मंत्री राकेश चपलमन कोटा, महासंघ के प्रचार मंत्री एम के बैराठी जयपुर, राकेश जैन  देवपुरी  वन्दना इंदौर,  विमल बज,प्रदेश महामंत्री युवा परिषद् राजस्थान, मनीष पाटनी प्रदेश  संयुक्त महामंत्री युवा परिषद राज,आर के जैन हरियाणा ,राजकुमार अजमेरा कोडरमा,मनीष जैन तिजारा, डॉ सुशीला जैन, महेन्द्र जैन सिरसा हरियाणा ,कल्पना जैन, डॉ ज्योति बाबू जैन,स्वाति जैन हैदराबाद आदि सहित अनेकों लोग सम्मिलित हुए।

  महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं धार्मिक कार्यक्रम समन्वयक मनीष जैन विद्यार्थी सागर थे। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्राकृत भाषा की युवा विदुषी जैन पत्रकार महासंघ की राष्ट्रीय मंत्री डॉ मनीषा जैन लाडनू ने किया। उक्त कार्यक्रम में तकनीकी सहयोगी शरद जैन,सुधांशु लाडनूं एवं मोहित जैन मोही थे। 

     अंत में बुंदेलखंड के विख्यात लौह पुरुष कपूरचंद घुवारा एवं पत्रकारिता के पितामह कैलाश चंद जैन झांसी के देह त्याग होने पर पत्रकार महासंघ की ओर से 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।सभी के प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप में सभी  के लिए आभार व्यक्त किया। 

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